मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नासेहा वसीम ने सुनवाई के बाद तीन नामजद और तीन अज्ञात लोगों के विरुद्ध जान से मारने की नीयत से गोली चलाने और मारने-पीटने के मामले में सुनवाई की। सुनवाई के बाद सरायलखंसी थाना प्रभारी निरीक्षक को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
आदेश के अनुसार सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बहरीपुर गांव निवासी आदित्य सिंह उर्फ मोनू ने सीजेएम न्यायालय में धारा 173 (4) बीएनएस के तहत प्रार्थना पत्र दिया। इसमें डुमरांव गांव निवासी सौरभ सिंह, देवनाथ सिंह, मिथिलेश सिंह और तीन अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया। पीड़ित का कथन हैं कि वह सामाजिक कार्यकर्ता है और वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रचारक था। उस चुनाव में ठेकेदार राजनाथ सिंह (आरएन सिंह) आदि लोग उनके गांव बहरीपुर में अब्बास अंसारी के चुनाव प्रचार में आए थे।
जिसका उन्होंने विरोध किया था। इससे नाराज होकर राजनाथ सिंह आदि ने कई बार परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। चुनावी रंजिश को लेकर राजनाथ सिंह आदि लोग बीते 23 अगस्त की शाम समय लगभग 7:30 बजे गांव के पोखरे पर स्थित ब्रह्मबाबा के मंदिर से खुद अपना चलाकर घर जा रहा था। तभी उनके घर के 100 मीटर पहले ट्यूबवेल के सामने फॉर्च्यूनर गाड़ी को मेरी गाड़ी के सामने लगाकर रोक लिए। गाड़ी में ठेकेदार आरएन सिंह के भाई देवनाथ सिंह, सौरभ सिंह और अन्य लोग बैठे थे। पीछे दूसरी गाड़ी में मिथिलेश सिंह और तीन अन्य लोग बैठे थे। उन्हें देखते ही मिथिलेश सिंह ने जान मारने की नीयत असलहे से फायरिंग कर दी। बचने के बाद सभी ने लात घूंसे से मारपीट कर घायल कर दिया।