मऊ। जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय ने विपक्ष से निर्वाचन प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग को लेकर भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों का सम्मान करने का आग्रह किया है। उन्होंने पत्रकार वार्ता में विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। राय ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचन आयोग और अन्य सांविधानिक संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मनोज राय ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को जारी स्पष्टीकरण में कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित सभी महत्वपूर्ण निर्णय आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित और विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के 27 मई 2026 के निर्णय का भी उल्लेख किया। इस निर्णय में बिहार में किए गए एसआईआर की वैधानिकता को बरकरार रखा गया था। न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का अधिकार माना है। नए मतदाताओं के पंजीकरण और नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6 की व्यवस्था निर्वाचन प्रक्रिया का हिस्सा है।
सांविधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता
मऊ।मनोज राय ने जोर दिया कि राजनीतिक दलों को निर्वाचन आयोग की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन यह आलोचना तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों का भी जिक्र किया जिनमें निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठाए जाते हैं।