जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए आरक्षण के लिए आपत्ति दाखिल करने के अंतिम दिन गुरुवार को विकास भवन से लेकर ब्लाक मुख्यालयों तक आपत्तियां दाखिल की गईं। जिला मुुख्यालय पर भी आरक्षण में अनियमितता को लेकर कई आपत्तियां दाखिल की गई हैं। आपत्ति करने वालों का आरोप था कि सत्ताधारी पार्टी के दबाव में मानकों की उपेक्षा करके पदों के आरक्षण में हेरफेर की गई।
वार्ड संख्या इंदारा को पिछडा वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने पर आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र गोयल ने अपने 50 समर्थकों के साथ विकास भवन पहुंचकर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में आपत्ति दाखिल की। उन्होंने तर्क दिया है कि गलत तथ्य दर्शा कर इसे पिछड़े वर्ग के लिए आरिक्षत कर दिया गया है।
उन्होंने जिलाधिकारी को अपनी आपत्ति देते हुए जिला पंचायत वार्ड संख्या 13 इंदारा के आरक्षण पर आपत्ति दाखिल करते हुए पिछड़ी जाति के लिए हुए आरक्षण को बदलकर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित करने की मांग की है ।
उधर मधुबन के सुल्तानपुर बारहगांवा क्षेत्र के शिवानंद मल्ल, अश्वनी कुमार सिंह, ओमप्रकाश मल्ल आदि ने जिलाधिकारी को दिए गए अपनी आपत्ति में तर्क दिया गया कि यह सीट वर्ष 2005 व 2010 के चुनाव में पिछड़ी महिला के लिए आरक्षित था। पुन: 2015 में भी पिछड़ी महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
उक्त लोगों ने जिलाधिकारी से उक्त सीट के आरक्षण को बदलकर अनारक्षित अथवा पिछड़ा वर्ग पुरुष के लिए आरक्षित किए जाने की मांग किया है। रतनपुरा, खुरहट, कोइरियापार, सहरोज सहित दर्जन भर सीटों के आरक्षण पर अलग अलग आपत्तियां दाखिल की गईं।
इस सबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी दिनेश नंदन शर्मा ने कहा कि ब्लाक मुख्यालयों से संकलित कर आपत्तियां शुक्रवार को उनके कार्यालय में आएंगी। उन पर सम्यक विचारोपरांत निस्तारित किया जाएगा।