बृहस्पतिवार को नगर के सिंधी कालोनी में बाएं साइट की दुकानें तो खुली,मगर सड़कों पर पसरा रहा सन्नाट
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मऊ। नगर में संपूर्ण लाकडाउन खत्म होने के 16 दिनों बाद जिला प्रशासन की नई व्यवस्था के तहत बृहस्पतिवार को नगर की बाई पटरी की दुकानें खुंली। व्यापारियों ने इस दौरान शारीरिक दूरी के मानकों का पूरा ख्याल रखा। दुकानों के बाहर सेनेटाइजर जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध रहीं। दुकान के भीतर आने वाले लोगों को सेनेटाइज कराने के बाद ही प्रवेश करने दिया गया। लोगों की आवाजाही कम होने से सड़कों पर सन्नाटा की स्थिति रही। जैसे ही चार बजा दुकानदारों ने दुकानों का शटर गिराना शुरु कर दिया। कोरोना पॉजिटिव मरीजो के मिलने से पूरा शहर हॉट स्पॉट बन गया था। 16 दिनों की बंदी के बाद जिला प्रशासन की तरफ से नई व्यवस्था के तहत पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न चार बजे तक दुकान खोलने का फरमान जारी किया। इसके तहत बृहस्पतिवार को गाजीपुर तिराहा से आजमगढ़ मोड़, बाल निकेतन, रेलवे फाटक, कोतवाली, चौक, संस्कृत पाठशाला, मिर्जाहादीपुरा होते हुए मतलूपुर मोड़, आजमगढ़ तिराहा से मिर्जाहादीपुरा से रानीपुर मोड़ तक, गाजीपुर तिराहा से भीटी होते हुए बलिया मोड़ तक सड़क के बाई पटरी की दुकानें खुली। बाजारों में दुकानों को खुलने की छूट मिलने के बाद बाजार में ग्राहक घर से निकलने लगे हैं। लेकिन पहले जैसी गहमागहमी नहीं देखी गई। बाजारों के दुकानदारों ने ग्राहकों को सामान दिखाने में बदलाव किया है। दुकान पर पहुंचने वालों की गेट पर ग्राहकों के हाथ को सैनिटाइज कराकर ह ी दुकान में प्रवेश दिया जा रहा था। जबकि कई दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग तथा सैनिटाइज कराने में उदासीनता बरती जा रही थी। आवाजाही कम होने से सड़कों पर सन्नाटा की स्थिति रही। दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते देखे जा रहे थे। शुक्रवार को दाहिनी पटरी की दुकानें खुलेंगी। नगर में संपूर्ण लाकडाउन खत्म होने के 16 दिनों बाद दुकानें खुलने के बाद दुकानदारों के चेहरे पर चमक देखी जा रही थी। लेकिन अपेक्षा के अनुरुप बिक्री न होने से मायूस दिखे। इस संबंध में दुकानदार अभिषेक खंडेलवाल का कहना था कि काफी समय बाद दुकान खुलने से राहत तो मिली है। लेकिन बिक्री कम होने से खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है। मोबाइल दुकान के दुकानदार पंकज का कहना था कि दो हफ्ते बाद दुकान खुलने से बिक्री की उम्मीद बढ़ी है। पहले जैसी बिक्री न होने से कुछ समझ में नहीं आ रहा है। ग्राहक रोहित श्रीवास्तव का कहना था कि दुकानें बंद होने से जरुरी सामानों की खरीदारी नहीं हो पा रही थी। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खरीदारी की। इसी क्रम में ग्राहक रवि राय का कहना था कि दुकानें खुलने से खरीदारी करने में पहले से कुछ आसानी हुई है।