बुधवार को घाेसी सांसद राजीव राय ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। उसी दौरान एक चिकित्सक से जमकर कहासुनी भी हुई थी। निरीक्षण के दौरान एक चिकित्सक के चेंबर से बाहरी भी पाया। इसके अगले दिन बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने जिला अस्पताल की पड़ताल की। अस्पताल की ओपीडी सुबह नौ बजे होने के बाद दस बजे पांच चिकित्सक के चेंबर खाली थे।
कुछ चिकित्सक के चेंबर में बाहरी लोग भी मौजूद थे। वहीं जो अन्य कर्मी थे, किसी ने ड्रेस नहीं पहनी थी और न ही किसी के पास पहचान पत्र था। जिससे दूर दराज क्षेत्र से आने वाले मरीज या उनके तीमारदार चिकित्सक की कुर्सी को देखकर बाहरी से पर्ची देकर अपने नंबर का इंतजार कर रहे थे।
ड्रेस कोड तय होने के बाद नहीं पहनते है कर्मी
अस्पताल प्रशासन के आंकड़ाें के अनुसार जिला अस्पताल में 80 कर्मियों की स्थायी नियुक्ति है। 42 कर्मी संविदा पर हैं। आउट सोर्सिंग के 27 और 14 सुरक्षा गार्ड हैं। चार कर्मचारी जिरियाट्रिक वार्ड में तैनात हैं। साथ ही सेवा प्रदाता के चार अन्य कर्मी भी हैं। इनकी कुल संख्या मिलाकर 171 है।
जिला अस्पताल में काम करने वाले सभी का ड्रेस कोड तय है, पहचान पत्र भी जारी किया गया है। जो भी लापरवाही करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सभी को समय से अस्पताल में रहने के लिए आदेशित किया गया है। - डॉ. धनंजय कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल