मऊ। रतनपुरा ब्लाक कार्यालय में कर्मचारियों की लापरवाही सोमवार को डीएम अरुण कुमार के निरीक्षण में सामने आई। निरीक्षण के दौरान ब्लाक कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी के मात्र तीन कर्मचारी ही उपस्थित पाए गए। इसपर जिलाधिकारी ने समस्त अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। अभिलेखों की जांच के दौरान कई अभिलेख कार्यालय में नहीं मिले। इसके अलावा कोई भी फाइल अपडेट नहीं मिली। जिलाधिकारी ने लापरवाही पर खंड विकास अधिकारी रतनपुरा के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। स्पष्टीकरण मांगते हुए निलंबित करने की चेतावनी दी। लेखाकार द्वारा प्रस्तुत की गई कई फाइलों में अनियमितता एवं आंकड़ों की स्थिति संदिग्ध देखते हुए उनको प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यालय से संबद्ध एमआई, जेई की अनुपस्थिति पर संबंधित विभाग के अधिशासी अभियंताओं से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
कार्यालय के निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने रतनपुरा विकास खंड के सिधवल ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत निर्माणाधीन खेलकूद के मैदान का स्थलीय निरीक्षण किया। जहां पर अभी सिर्फ चहारदीवारी निर्माण का कार्य चल रहा है। इसपर संबंधित जेई से रिकवरी कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान चहारदीवार के निर्माण में मानक की अनुरूपता, प्रयुक्त सामग्रियों की गुणवत्ता आदि की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी को दिया। इस दौरान परियोजना निदेशक रामबाबू त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी दिवाकर सिंह, तहसीलदार सदर उमेश कुमार सिंह,अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी आरएन सिंह यादव सहित अन्य संबंधित कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
आवासों की जांच कर मांगी रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत सकरा एवं पीपरसाथ में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों की जांच की। इसके बाद अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों की टीम जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।