मऊ । विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने नाबालिग लड़की को शादी के लिए भगा ले जाने, दुष्कर्म करने के मामले में नामजद आरोपी को दोषी पाया। नौ वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ 50 हजार रुपये का अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड जमा हो जाने पर 15 हजार रुपये पीडि़ता को देने का आदेश दिया। मामला चिरैयाकोट थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादिनी मुकदमा की 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को आरोपी 1 जुलाई 2015 की रात्रि में शादी के आशय से भगा ले गया। इस दौरान आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने वादिनी की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया। चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के सरसेना गांव निवासी अनिल के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया गया।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल श्रीवास्तव, प्रवीण मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने कुल छह गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। एडीजे ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी अनिल को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद उसे नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के मामले में सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।