कोपागंज। पंचायत चुनाव में निर्वाचित हुए 77 प्रधानों में से केवल 53 प्रधान ही शपथ ले पाएंगे। 24 ग्राम पंचायतों के वार्ड सदस्यों की संख्या दो तिहाई न होने की वजह से इन गांव के प्रधान शपथ नहीं ले पाएंगे जिससे ग्राम पंचायत में अधिकार विहीन रहेंगे। वार्ड सदस्यों का निर्वाचन होने के बाद ही उनकी शपथ हो पाएगी। जिसके लिए निर्वाचन की तिथि घोषित होगी।
कोपागंज ब्लॉक में 77 ग्राम सभाओं में पंचायत चुनाव हो चुके हैं। साथ ही सभी गांवों के मतदाताओं ने अपने पसंद के प्रधान को चुन लिया है, लेकिन गौहरपुर न्याय पंचायत में गौहरपुर, कोटवा कोपड़ा, अलीनगर न्याय पंचायत में जयसिंहपुर, चोरपाकला, फतेहपुर न्याय पंचायत में मसीना, नोखटत, सोड़सर न्याय पंचायत में जहनियापुर, सोड़सर और हिलसा शहरोज न्याय पंचायत में डांडी और खुखुंदवा भेलाबंध न्याय पंचायत में लिलारी भरौली ,सेंदुराइच, भेलाबांध, ढेकवारा कसारा न्याय पंचायत में इंदारा, दर्पनारायणपुर और कटवांस और कोइरियापर न्याय पंचायत में कोइरियापर ,अहिलासपुर और शेखबालिया सहित 24 ग्राम पंचायतों के वार्ड सदस्यों का कोरम पूरा न होने की वजह से चुने गए प्रधान शपथ नहीं ले पाएंगे। ग्राम पंचायत का चुनाव जीतने वाले प्रधानों ने पंचायती राज कानून का ध्यान ही नहीं रखा। केवल प्रधान पद हासिल करने की लड़ाई लड़ते रहे। एडीओ पंचायत शीत कुमार सिंह ने बताया कि पंचायत एक्ट में व्यवस्था है कि जिस ग्राम पंचायत के सदस्यों की संख्या दो तिहाई या इससे अधिक होगी उसी ग्राम पंचायत का गठन हो सकेगा। जिस ग्राम पंचायत में सदस्यों की संख्या का कोरम पूरा नहीं होगा। वहां के प्रधान शपथ नहीं ले सकेंगे। निर्वाचन अधिकारी मनोज तिवारी ने बताया कि ब्लॉक में 77 ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए हैं जिनमें से 24 प्रधान ऐसे हैं जहां वार्ड सदस्यों का कोरम पूरा नहीं हो रहा है। जिनका गठन न होने की वजह से यहां के प्रधान शपथ नहीं ले सकेंगे।