मऊ। शासनादेश के बाद परिषदीय विद्यालयों मेें ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई है। प्रत्येक विद्यालय में अभिभावकों का वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है जिसपर लर्निंग सामग्री और वीडियो डाले जा रहे हैं। इसके अलावा शिक्षक पांच विद्यार्थियों के अभिभावकों से फोन पर बात कर बच्चों की घर पर चल रही पढ़ाई की समीक्षा करेंगे। साथ ही विषय वस्तु तथा होमवर्क सौंपेंगे। जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.56 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। कोरोना संक्रमण बढ़ने से परिषदीय विद्यालय बंद चल रहे हैं। छात्र-छात्राओं का नया सत्र भी शुरू नहीं हो पाया। ऐसे में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रत्येक विद्यालय का वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। वाट्सएप ग्रुप से अभिभावकों को जोड़ा गया है। शिक्षक वाट्सएप ग्रुप में लर्निंग सामग्री का वीडियो डालते हैं। साथ ही बच्चों का होमवर्क जांचते हैं। अभी तक 35 प्रतिशत बच्चे ही ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ पाए हैं। जिन बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं है। उन बच्चों के अभिभावकों से मोबाइल फोन से संपर्क करने की योजना बनाई गई है। नई व्यवस्था के तहत शिक्षक रोस्टरवाइज हर दिन पांच विद्यार्थियों के अभिभावकों से मोबाइल फोन पर बात कर घर पर हो रही पढ़ाई के बारे में विस्तार से बात करेंगे। इस पढ़ाई में बच्चे ने क्या सीखा? या क्या संशय रहा? आदि की समीक्षा करेंगे।