नगर में रोडवेज के पास बनाई गई वनवे व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। ऐसे में लगातार जाम लगना आम बात है। लोग लग रहे इस जाम से अब आजिज आ चुके हैं। लेकिन पिछले साल बनाई गई इस व्यवस्था को जिम्मेदार भूल चुके हैं। नतीजतन जाम का खामियाजा नागरिक भुगत रहे हैं। नगर में सबसे ज्यादा जाम की समस्या रोडवेज से लेकर आजमगढ़ मोड़ तक है। इसको देखते हुए आजमगढ़-बालनिकेतन मार्ग को वनवे किया गया था। बालनिकेतन की तरफ से आने वाले वाहनों को रोडवेज से डायवर्ट कर उसे यहीं से टर्न कर रेलवे स्टेशन रोड मुंशीपुरा ओवरब्रिज के नीचे से लाते हुए आजमगढ़ मोड़ तक कर दिया गया था। जबकि आजमगढ़ मोड़ से तीन और चार पहिया वाहनों के बालनिकेतन तक जाने पर रोक थी। समय बीतने के साथ जिम्मेदार इसे कुछ ही दिन तक कायम रख पाए और फिर इसे भुला दिया। नजीजा यह निकला कि जाम से यह इलाका लगातार जूझ रहा है। वनवे व्यवस्था नाम मात्र की रह गई है। इतना ही नहीं नगर के दूसरी जाम वाली जगह फ़ातिमा तिराहा पर बेरिकेड्स लगाकर भीटी की तरफ से आने वाले वाहनों को गाजीपुर तिराहा से मुड़ने की व्यवस्था की गई है, जिससे जाम न लगे, लेकिन पुलिस जवानों के सामने ही अधिकांश वाहन फ़ातिमा तिराहा के पास से बेरीकेड्स के पास से ही टर्न होकर स्वदेशी कॉटन मिल की तरफ से शॉर्टकट में आजमगढ़ मोड़ की तरफ निकल रहे है, जिससे यह व्यवस्था भी निरर्थक साबित हो रही है। चौंकाने वाली बात है कि दोनों जगहों पर हर समय पुलिस मौजूद रहती है, लेकिन वह रोकटोक नहीं करते। बालनिकेतन तिराहा से आजमगढ़ मोड़ तक सड़क के दोनों किनारे पैदल राहगीरों के चलने के लिए नगर पालिका द्वारा फुटपाथ बनाया गया है। लेकिन इस पर पैदल राहगीर कभी चलते नहीं दिखेंगे, क्योंकि इस पर अस्थायी अतिक्रमण है। ऐसे में पटरी बनने के बाद भी इसका लाभ नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं सड़क के दोनों ओर आड़े तिरछे दो पहिया चार पहिया वाहनों के पार्क होने से यह सुविधा अब ओर परेशानी का सबब बन रही है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि रोडवेज से बाल निकेतन तक बने फुटपाथ पटरी राहगीरों के लिए बनाई गई है। अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को नोटिस जारी की गई है।