अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो आदिल आफताब अहमद ने एक राय होकर दलित के साथ मारपीट करने और तमंचे से फायर कर महिला की हत्या का प्रयास करने के मामले में नामजद छह आरोपियों में पांच को दोषी पाया। सुनील यादव को हत्या के प्रयास में सात वर्ष की सजा के साथ पांच हजार रुपया अर्थदंड और अरुण कुमार, ढुल्लूयादव, अंगद यादव और उदयभान को चार-चार वर्ष की सजा के साथ ही दो-दो हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई। एक आरोपी पप्पू यादव को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
मामले के अनुसार, सरायलखंसी थाना क्षेत्र के पतिला गांव निवासी वादी मुकदमा श्याम बिहारी की पत्नी मालती देवी को 21 जुलाई 2016 की रात्रि में 11:00 बजे सुनील यादव के साथ आए आरोपीगणों ने हमला किया।
सुनील यादव ने तमंचा से फायर किया जिससे मालती के हाथ में गोली लगी। तथा अन्य आरोपीयों ने लाठी, डंडा से वादिनी की लड़की लालसा, मनसा तथा लड़का रामअवध और जिरिया को मारपीट कर घायल कर दिया। आरोप था कि उन्होनें गाली और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए तथा जान से मारने की धमकी भी दी।
वादी मुकदमा की तहरीर पर गाजीपुर जनपद के मरदह थाना क्षेत्र के नखतपुर निवासी सुनील यादव, अरुण कुमार, ढुल्लू यादव, अंगद यादव, उदयभान और पप्पू यादव को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय पर प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एसपीओ ने सात गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। एडीजे ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सजा सुनाई।