उन्होंने आगे कहा कि संपूर्ण देश में एक समान शिक्षा व्यवस्था लागू की जाए। अमीर और गरीब की शिक्षा जब एक समान होगी, तभी हक और अधिकार की लड़ाई भी अपने मंजिल तक पहुंचेगी। उन्होंने भीड़ से संवाद करते हुए कहा कि जब वोट आवेला... तब त तोहन लोग मागेल जा दारू मुर्गा त दारू पिया के मुर्गा खियाके जे जीत के जाला उ 5 साल तोहन लोग के मुर्गा बना के घुमावे ला। एही खातिर हम गांव-गांव घूम के तोहन लोग के बतावत बानी की दारु अ मुर्गा क आदत छोड़ के हक, अधिकार क बात सोच के आपन वोट क प्रयोग करीहा।
राजभर ने कहा कि जब दिल्ली और पंजाब में बिजली फ्री हो सकती है तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं हो सकती? जब गुजरात, बिहार सहित कुछ राज्यों में शराब बंद हो सकती है तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं हो सकती है? उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सामने दलित, शोषित, पीड़ित और वंचितों की आवाज को गंभीरता से उठाया है और उसका असर भी हो रहा है। महिलाओं को 33 प्रतिशत जो आरक्षण मिला है, वो मेरे ही आवाज उठाने की देन है। इस रैली को अरविंद राजभर, अरुण राजभर, डॉक्टर संतोष पांडेय, रुद्र प्रताप सिंह, राजमणि मिश्रा सहित अन्य लोगों ने जनता को संबोधित किया।