मधुबन। थाना क्षेत्र के समसपुर अहिरौली निवासी सोनी यादव (75) कोे बृहस्पतिवार की शाम बंदर ने छत से धक्का मार दिया। वृद्ध बुरी तरह घायल हो गई। आनन-फानन में उसे परिजन अस्पताल ले जो रहे थे कि रास्ते ही उसकी मौत हो गई। मृतका समसपुर अहिरौली के प्रधान रमेश यादव की मां थी। वृद्धा की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल था।
मृतका सोनी यादव बृहस्पतिवार की सायंकाल अपने घर की छत पर बैठी थीं। उसी दौरान एक उत्पाती बंदर ने धक्का मार दिया। बंदर के धक्के से वृद्ध महिला छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों ने आनन-फानन में घायलावस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतहपुर मंडाव में भर्ती कराया। जहां स्थिति को गंभीर देख चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां से ले जाते समय रास्ते में ही वृद्धा ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया तो वहीं समूचे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बंदरों के उत्पात से ग्रामीण रहते हैं परेशान
मधुबन। समसपुर अहिरौली सहित आसपास के ग्रामीणों का कहना है। पूरे क्षेत्र में बड़े बंदरों के उत्पात से सभी लोग परेशान हैं। दो दर्जन से अधिक की संख्या में बंदर आए दिन लोगों को परेशान करते रहते हैं। सभी का कहना है कि बंदरों के उत्पात को लेकर कई बार वन विभाग की टीम को पत्र लिखा गया है, लेकिन विभाग की तरफ से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।
दो साल पहले दुधमुहे बच्चे को बंदर ने किया था जख्मी
मऊ। घोसी कोतवाली में 24 फरवरी 2021 में कस्बा बाजार निवासी एक शिक्षक के दूधमुंहे बच्चे को बुधवार की शाम बंदर ने काट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
कस्बा बाजार पश्चिमी मुहल्ला निवासी शिक्षक वरुण दुबे के 22 दिन के मासूम को उनकी माता (दादी) घर के बाहर बैठक में दुलार कर रही थीं। इस बीच अचानक लाल बंदर आकर बच्चे को छिनने लगा। चीख सुनकर वरुण की पत्नी वहां पहुंचीं और बंदर से पुत्र को छिनने लगी। इस बीच बंदर ने मासूम के सिर समेत कई जगह काट लिया। शोर सुनकर अन्य लोग मौके पर पहुंचा तो बंदर बच्चे को छोड़कर भाग गया। इसके पूर्व भी गत 20 नवंबर 2020 को नगर पंचायत घोसी में बंदरों ने 12 से अधिक लोगों को जख्मी कर दिया था।