फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mau News: अफसरों को भनक नहीं, कटान रोकने के नाम पर 10 दिनों में काट दिए 300 से ज्यादा हरे पेड़

विज्ञापन
धर्मपुर बिशनपुर में सरयू नदी से हो रही कटान को रोकने के लिए हरे पेड़ो की कटान कर उसे जेसीबी से 
विज्ञापन
अफसरों को भनक नहीं, कटान रोकने के नाम पर 10 दिनों में काट दिए 300 से ज्यादा हरे पेड़मधुबन-दुबारी। देवरिया के गौरा स्थित निर्माणाधीन मोहन सेतु के पास कटान से बचाव को लेकर कोई परियोजना नहीं होने का असर अब जनपद में पड़ रहा है। देवरिया के परसियां और मऊ के विशुनपुर देवारा में तेजी से कटान हो रहा है। इस पर सिंचाई विभाग के जिम्मेदार वैकल्पिक व्यवस्था के तहत हरे पेड़ों की कटाई कर उसे नदी में डालकर कटान रोकने का प्रयास कर रहे हैं। हद तो ये है कि सरकार एक तरफ पौधे रोपने और संरक्षित करने का अभियान चला रही है वहीं देवारा क्षेत्र और आसपास के गांवों में 300 से ज्यादा हरे पेड़ और बांस काट दिए गए। गौर करने वाली बात ये है कि जिले के आला अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं है।
विज्ञापन

इसकी पड़ताल करने संवाद न्यूज एजेंसी की टीम परसिया-धर्मपुर देवारा पहुंची। धर्मपुर विशुनपुर निवासी गणपति ने बताया कि उन्होंने परसिया में जमीन खरीदी थी, वर्तमान में करीब दो बीघा फसल उनका कटान के भेंट चढ़ चुकी हैं, जबकि पिछले वर्ष भी उनकी जमीन कटान के भेंट चढ़ी थी। बिंदटोलिया निवासी रामप्रताप यादव ने बताया कि करीब एक वर्ष से निर्माणाधीन मोहन सेतु के आखिरी पिलर के पास सरयू कटान कर रही है। कटान के कारण नदी पुल से करीब 20-25 मीटर दक्षिण की ओर से बहने लगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि कटान नीचे से हो रहा है जबकि जिम्मेदार विभाग मिट्टी को नदी के निचले हिस्से के बजाय ऊपरी हिस्से में डंप कर रहा है। ऐसे में यह मिट्टी भी कटान होते ही नदी में विलीन हो जा रही है। ऐसे में आनन फानन में हरे पेड़ों की कटाई कर कटान को रोकने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीण रामसमुझ, सुब्बा, जितेंद्र यादव, बृजेश गुप्ता ने बताया कि यह जो प्रयास अब शुरू किया गया है, इसे जलस्तर बढ़ने से पहले क्यों नहीं किया गया।
तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव ने बताया कि हरे पेड़ों की कटाई की जानकारी नहीं है। मौके पर जाकर जांच कर रिपोर्ट प्रशासन को दी जाएगी। वहीं वन विभाग के डीएफओ पीके पांडेय ने कहा कि हरे पेड़ कटने की जानकारी नहीं है। इस संबंध में वह विभागीय अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन


दक्षिणायन होकर बहने लगी है सरयू -सिंचाई विभाग भी मान रहा है कि कटान की वजह से ही सरयू दक्षिणायन होकर बहने लगी है। नदी की धारा निर्माणाधीन मोहन पुल से आगे जा चुकी है। नदी के रुख में हुए परिवर्तन के कारण मऊ के बिंद टोला पर भी कटान का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने कहा कि इसके बावजूद कटान रोकने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।

धर्मपुर विशुनपुर में कटान के बीच हरे पेड़ों की कटाई से ग्रामीण नाराज
दुबारी। मधुबन तहसील के धर्मपुर विशुनपुर में नदी की कटान के बीच हरे पेड़ों की कटाई जारी है। इसे लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को कटान रोकने के ठोस उपाय करने चाहिए, न कि पेड़ काटकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना। राम भवन यादव, राहुल यादव, राम प्रताप यादव, मुन्ना यादव, विकास चौहान और राममिलन मौर्य सहित ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर कटान प्रभावित क्षेत्र में पेड़ों की कटाई हो रही है। देवरांचल क्षेत्र में वर्षों से पेड़ों की कटाई के कारण हरियाली तेजी से घट रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि कटान रोकने के प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए तो पर्यावरणीय संतुलन गंभीर रूप से प्रभावित होगा।ग्रामीणों ने अधिकारियों से गुहार लगाई है। उन्होंने प्रशासन से वैज्ञानिक और स्थायी उपाय करने तथा अनावश्यक पेड़ कटाई रोकने की मांग की।
कोट
हरे पेड़ काटकर काटन रोकने की कोशिश की जा रही है। ये जानकारी नहीं है। तहसीलदार से इस बारे में पता कर कार्रवाई की जाएगी। कटान रोकने के लिए बाढ़ योजना के तहत प्रस्तावित कामों पर काम किया जाएगा।-दीपक सिंह, एसडीएम, मधुबन
सरयू नदी अब दक्षिणायन हो रही है। कटान को रोकने के लिए कोई अलग से परियोजना नहीं है। पेड़ों को काटकर उससे तेजी से हो रहे कटान को रोकने की कवायद की जा रही है। संजय मात्रे, एक्सईएन, सिंचाई विभाग

धर्मपुर बिशनपुर में सरयू नदी से हो रही कटान को रोकने के लिए हरे पेड़ो की कटान कर उसे जेसीबी से 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें