मऊ। जनपद में सबसे अधिक राजस्व देने वाले सदर तहसील स्थित उपनिबंधक कार्यालय में बुधवार को लगभग सभी कर्मचारी समय से दफ्तर पहुंच चुके थे। दफ्तर पहुंचे कर्मचारी अपनी सीटों पर बैठकर काम में मशगुल दिखे। कुछ अधिवक्ता नामों के रिकार्ड देखने में व्यस्त दिखे। उपनिबंधक कुछ देरी से दफ्तर पहुंचे। उपनिबंधक कार्यालय में अभिलेखों के रखरखाव कार्यालय परिसर में साफ-सफाई बेहतर देखी गई।
अमर उजाला की टीम बुधवार की सुबह 10:10 बजे उप-निबंधक कार्यालय पहुंची। कार्यालय में दो लिपिक अपनी सीट पर बैठ कर कामकाज निपटा रहे थे। 10.05 बजे कंप्यूटर कक्ष में बैठा संविदा कर्मी पिछले दिनों तक हुए बयनामों कार्यक्रम संकलित करने में संलग्न था। 10.15 बजे अधिवक्ता पुराने अभिलेखों का निरीक्षण कर रहे थे। 10:25 बजे रिकॉर्ड रूम में एक महिला और एक पुरुष कर्मचारी अभिलेख सहेज रहे थे।
कार्यालय में 10 :12 की संख्या में क्रेता विक्रेता बैठे थे। कार्यालय के बाहर बैनामा कराने वाले लोग वसीका नवीसों से विक्रय पत्र लिखवाने और ऑनलाइन कराने और फोटो आदि खिंचवाने की प्रक्रिया में लगे थे। 10:30 बजे उपनिबंधक नंदलाल कार्यालय पहुंचे और विक्रय पत्रों के निरीक्षण और रसीदों पर हस्ताक्षर करने में जुट गए। उपनिबंधक कार्यालय में छह लिपिकों और तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद हैं लेकिन वर्तमान में केवल 4 लिपिक और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मी ही तैनात हैं। दो लिपिक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी के पद रिक्त हैं।
सदर उपनिबंधक नंदलाल ने बताया कि कार्यालय में सुबह 10 बजे सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर पहुंच जाते हैं। मैं खुद भी समय से दफ्तर आ जाता हूं। आज नवागत जिलाधिकारी से मुलाकात करनी थी, इसलिए दफ्तर आने में कुछ देरी हुई।
रिकॉर्ड रूम की व्यवस्था दिख चाक चौबंद
रिकॉड रूम में पुराने रजिस्टर ऑफ अभिलेखों का रखरखाव बहुत ही बेहतरीन दिखा । यहां वर्ष वार और वर्णवार बनाए गए रजिस्टरों को बहुत ही अच्छे ढंग से रैक पर रखा गया था। जिससे उनका निरीक्षण करने आने वालों के लिए संबंधित वर्ष के रजिस्टर उपलब्ध कराने में सुविधा हो। पूर्व में इस रिकॉर्ड रूम में सारे अभिलेख वस्ते में बांधकर फर्श पर रखे जाते थे लेकिन वर्तमान में इसका कायाकल्प दिखा।
कोरोना संकट ने आधी कर दी आय:
कोरोना संकट की मार उपनिबंधक कार्यालय पर पड़ी है। इस कार्यालय की आय पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में आधी हो गई है। वर्ष 2019-20 में अप्रैल से अगस्त तक कुल 3358 बयनामे हुए थे। इस विध में कार्यालय से 20 करोड़ 79 लाख के राजस्व की प्राप्ति हुई थी। जबकि वर्तमान वर्ष में अप्रैल से अगस्त माह तक महज 11 करोड़ 93 लाख के राजस्व की प्राप्ति हुई है। यह कोरोना संकट का ही प्रभाव है।