मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रमोद कुमार सिंह ने काशी गोमती संयुक्त क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक की तरफ से सिक्योरिटीएशन एंड रिकांसट्क्शन आफ फाइनेंन्सियल एसेट्स ऑफ सिक्योरिटी इंटरेस्ट एक्ट के तहत दाखिल अर्जी पर बैंक के अधिवक्ता गुरुनरायन पांडेय के तर्कों को सुनने के बाद चार मामलों में बैंक ऋण के एवज में रखी गई संपत्ति पर बैंक को कब्जा दिलाए जाने का आदेश, थाना प्रभारियों दिया है।
पहले मामले में काशी गोमती संयुक्त क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक चंद्रप्रकाश राम ने कोर्ट में अर्जी दी। प्रबंधक का कथन है कि काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक की शाखा विकास भवन से विपक्षी तहसील सदर क्षेत्र के परदहां गांव निवासी माया सिंह पत्नी ब्रम्हप्रकाश सिंह और ब्रम्ह प्रकाश सिंह पुत्र पतिराम सिंह ने भवन निर्माण के लिए तीन लाख रुपये का ऋण लिया। इसके एवज में अपनी आवासीय भूमि बैंक के पक्ष में बंधक रखा। सूचना के बावजूद वह ऋण अदा नहीं किए। प्रबंधक ने बंधक रखी गई आवासीय भूमि पर कब्जा दिलाए जाने का अनुरोध किया। सुनवाई के बाद सीजेएम ने थानाध्यक्ष सरायलखंसी को आदेश दिया कि वह बंधक रखी गई भूमि व मकान पर बैंक को कब्जा दिलाएं।
दूसरा मामला तहसील सदर क्षेत्र के बेलचौरा गांव निवासी शैल कुमारी पत्नी विरेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह पुत्र शमशेर सिंह द्वारा काशी गोमती संयुक्त क्षेत्रिय ग्रामीण बैंक की शाखा मिर्जाहादीपुरा से भवन निर्माण के लिए तीन लाख 80 हजार रुपया ऋण लिया गया। इसके एवज में विपक्षीगण ने अपनी आवासीय भूमि व मकान बैंक के पक्ष में बंधक रखा था। ऋण की अदायगी न किए जाने पर बैंक ने नोटिस जारी किया। बावजूद इसके कोई प्रतिक्रिया विपक्षीगण की ओर से नहीं की गई। जिस पर बंधक रखी गई भूमि और मकान पर बैंक का कब्जा दिलाए जाने का अनुरोध किया गया।
सीजेएम ने सुनवाई के बाद थानाध्यक्ष दक्षिणटोला को आदेश दिया कि वह बंधक रखी गई, भूमि और मकान पर बैंक का कब्जा दिलावे। तीसरा मामला तहसील घोसी क्षेत्र के ग्राम सरहरा जमीन सरहरा में स्थित मेसर्स नटराज राइस मिल के प्रोपराइटर अब्दुल लतीफ और कमरुनिशा पत्नी अब्दुल लतीफ की बंधक रखी गई, भूमि पर कब्जा दिलाए जाने का अनुरोध किया गया। कहा गया कि विपक्षी राइस मिल के लिए काशी गोमती क्षेत्रिय ग्रामीण बैंक की शाखा सुल्तानपुर से पांच लाख रुपये का ऋण लिया। इसके एवज में अपना भूमि और मकान को बैंक के पक्ष में बंधक रखा गया। ऋण की अदायगी न किए जाने पर बंधक रखी गई भूमि और मकान पर बैंक को कब्जा दिलाए जाने का अनुरोध किया गया। सुनवाई के बाद सीजेएम ने कोलवाल घोसी को आदेश दिया कि वह बंधक रखी गई भूमि और मकान पर बैंक को कब्जा दिलाए।
चौथा मामला तहसील मुहम्मदाबादगोहना क्षेत्र के जमीन बरामदपुर गांव निवासी मेसर्स किसान ट्रैक्टर के प्रोपराइटर हरिराम यादव पुत्र बेचई यादव ने ट्रैक्टर के व्यवसाय के लिए तीन लाख रुपया मुहम्मदाबादगोहना की शाखा से ऋण लिया। इसके एवज में अपना आवासीय भूमि और मकान को बैंक के पक्ष में बंधक रखा। ऋण की अदायगी न किए जाने पर बैंक ने कोर्ट में अर्जी देकर बंधक रखी गई भूमि पर कब्जा दिलाए जाने का अनुरोध किया। सुनवाई के बाद सीजेएम ने कोतवाल मुहम्मदाबादगोहना को आदेश दिया कि वह बंधक रखी गई भूमि पर बैंक को कब्जा दिलाए।