मऊ। जिले में बंद पड़ी ज्वेलरी के साथ चश्में की दुकानें रविवार से खुलेगी, लेकिन लॉक डाउन के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। दुकानों पर सैनिटाइजर के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। शनिवार की शाम जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान यह बातें कही।
जिलाधिकारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में किए लॉक डाउन के बीच अब लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग और साफ सफाई करने की आदत बन गई है। बोले लॉक डाउन में गैर प्रांतों में फंसे श्रमिकों में से 1205 लोगों सूरत से लेकर श्रमिक एक्सप्रेस 12 मई की शाम मऊ पहुंचेगी। इसमें 902 लोग मऊ जिले के, 286 आजमगढ़ जिले के, 14 श्रमिक गोरखपुर के है। इसके अलावा एक यात्री बलिया और एक सिद्धर्थ नगर जिले के शामिल हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि बाहर से आने वाले श्रमिकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके लिए मॉनिटरिंग टीम लगाई गई है। इस दौरान बसों से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग जिले की सीमा पर की जा रही। इस दौरान जो संदिग्घ मिल रहा, उसे क्वारंटीन किया जा रहा। शेष लोगों का बायोडाटा रख उन्हें होम क्वारंटीन की हिदायत दी जा रही। डीएम ने स्पष्ट किया कि मऊ से गैर प्रांत जाने वाले को स्वास्थ्य प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। ऐसे में ठीक होने वाले मरीज के साथ जांच कराने वालों के लिए कोई प्रमाण पत्र जारी करने का प्रावधान नहीं है। डीएम ने बताया कि इसकी क्या गारंटी है कि जांच कराने वाला दुबारा कोरोना से संक्रमित नहीं हो सकता है। लक्षण के आधार पर स्वास्थ्य टीम अपनी आशंका दुर करने के लिए जांच कराती है।