मऊ। पीएम स्वनिधि योजना में पात्र लाभार्थियों को ऋण दिलाने में बरती जा रही लापरवाही पर जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने मंगलवार देर शाम सख्त रुख अपनाया। कैंप कार्यालय में जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के शासी निकाय की बैठक में बैंकों के खराब प्रदर्शन पर डीएम ने लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) को फटकार लगाई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
वहीं, सबसे कम नए आवेदन कराने और ऋण स्वीकृत कराने वाले दो अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को चिह्नित कर कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया।
बैठक में पीएम स्वनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी समेत डूडा से संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान बैंकों द्वारा ऋण आवेदनों की स्वीकृति की रफ्तार बेहद कम पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। जनपद के सभी बैंकों में ऋण आवेदनों की औसत स्वीकृति प्रतिदिन मात्र 10 पाई गई। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में सबसे कम नए आवेदन कराने और ऋण स्वीकृति कराने वाले दो अधिशासी अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने और वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। डीएम ने अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने और पात्र लाभार्थियों को समय से लाभ दिलाने के निर्देश दिए।