नगर के बालनिकेतन पर रेलवे क्रासिंग बंद होने के बाद इस तरह लोग आते-जाते हैं।
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शहर के बालनिकेतन क्रासिंग पर लगने वाले जाम की समस्या से निदान के लिए बनने वाले आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) की प्रशासनिक कवायद शुरू हो गई है। निर्माण की जद में आने वाले 296 भवन स्वामियों और दुकानदारों को प्रशासन ने शनिवार को नोटिस जारी किया। उन्हें अब 12 जुलाई तक अपने भवन और दुकान के दस्तावेज जमा कराने होंगे। जिसके बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई शुरू करेगा।
आरओबी के जद में चिह्नित हड्डी मदारी, बरवनवाल धर्मशाला, बांध के किनारे, लारी रोड और क्रासिंग के आसपास के क्षेत्रीय दुकानदारों सहित 296 भवन स्वामियों को प्रशासन ने नोटिस जारी किया गया। ताकि आरओबी बनाने की जद में आने वाले मकान के लोगों को मुआवजे का प्रस्ताव बना कर शासन को भेजा जा सके। बता दे आरओबी बनाने के लिए सड़क की चौड़ाई 18 मीटर होनी चाहिए। जबकि वर्तमान में सड़क की चौड़ाई 10 मीटर है। इसे पूरा करने के लिए आसपास के 296 मकान के साथ चार धार्मिक स्थल और सड़क पर अतिक्रमण और सड़क किनारे लगाए बिजली पोलों को हटाया जाना है।
जिसके लिए प्रशासन ने गत माह आरओबी की जद में आने वाले मकानों का सर्वे कराने के साथ वहां का सीमाकंन कराया था।
इस बावत सदर एसडीएम अनूप का कहना है कि चिह्नित लोगों को नोटिस जारी किया गया है। जिससे आगे की कार्यवाही शुरू की जा सके। कहा कि दस्तावेेजों से स्पष्ट हो जाएगा कि कितने लोगों का निर्माण सही है, कितने लोग सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण किए है। ऐसे में अतिकमण करने वालों को कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। बल्कि उन्हे खुद से ही अपना निर्माण हटाना होगा।