मऊ। जिले के 11 थानों पर शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इनमें से पांच थानों पर आई शिकायतों में से एक का भी निपटारा नहीं किया जा सका। दक्षिण टोला, हलधरपुर, कोपागंज , रामपुर और रानीपुर थानों पर कुल19 फरियादियों ने काफी उम्मीद से समाधान दिवस पर फरियाद किया था। लेकिन इनमें से सभी निराशा हाथ लगी। 11 थानों पर कुल 95 शिकायतकर्ताओं ने अपनी शिकायतें प्रस्तुत किया था। इनमें से महज 13 शिकायतों का निपटारा किया जा सका।
शहर कोतवाली में एक भी शिकायत कर्ता शिकायत लेकर नहीं पहुंचा। महीने के चौथे शनिवार को जन शिकायतों के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराये जाने के निर्देश के क्रम में शनिवार को जिले के सभी थानों पर समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल और पुलिस अधीक्षक सुशील घुले सरायलखंसी थाने पर उपस्थित रहकर जनता की समस्याओं को सुने। इस दौरान थाने पर 20 शिकायतें आईं। इस दौरान केवल चार शिकायतों का निपटारा किया जा सका। शेष 16 शिकायतें निपटाई नहीं जा सकीं। इनके निपटाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
समाधान दिवस पर चिरैयाकोट थाने पर आठ प्रार्थनापत्र पड़े, इनमें से एक का निपटारा किया गया। दक्षिणटोला थाने में में चार प्रार्थनापत्र पड़े लेकिन एक भी नहीं निपटाए जा सके। दोहरीघाट थाने में कुल सात में से दो शिकायतों का निपटारा हो सका। घोसी कोतवाली में 20 प्रार्थनापत्रों में महज तीन निपटाए गए। हलधरपुर थाने में कुल तीन प्रार्थनापत्रों में से एक भी नहीं निपटाया जा सका। कोपागंज थाने में आठ प्रार्थपत्रों में से एक भी नहीं निपटाया जा सका।
मधुबन थाने में 10 प्रार्थनापत्रों में से दो निपटाए गए। मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली में 11 प्रार्थनापत्रों में से केवल एक निस्तारित हो सका। रानीपुर में केवल तीन ही प्रार्थनापत्र आए लेकिन एक भी नहीं निपटाया जा सका। सरायलखंसी थाने में 20 प्रार्थनापत्रों में केवल चार निपटाए गए। रामपुर थाने में एक ही शिकायत आई लेकिन उसका भी निपटारा नहीं हो सका। इस दौरान कुछ शिकायतों के निपटारे के लिए पुलिस और राजस्व टीमों को स्थलीय जांच के लिए रवाना किया गया।