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Mau News: जालसाजी में सेंट्रल बार के महामंत्री के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी

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मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डाॅ. कृष्ण प्रताप सिंह ने सोमवार को जालसाजी के मामले में आरोपी सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री अजय कुमार सिंह के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया। सीजेएम ने यह आदेश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राजीव कुमार वत्स द्धारा जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने पर उनकी जमानत आदेश को निरस्त कर दिया था। साथ ही एक सप्ताह के अंदर सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। सीजेएम ने मामले में सुनवाई के लिए 26 मई की तिथि नियत किया था।
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आरोपी महामंत्री अजय कुमार सिंह को सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण करना था लेकिन उन्होंने नहीं किया। उनकी ओर से उनके अधिवक्ता ने उनकी बीमारी का हवाला देते हुए समय की मांग की गई थी। जिसे सुनवाई के बाद सीजेएम ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए गैरजमानती वारंट जारी किया। मामले में हाजिरी के लिए 9 जून की तिथि नियत किया। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।

मामले के अनुसार कोपागंज थाना क्षेत्र के लैरोदोनवार गांव निवासी विनोद कुमार सिंह की तहरीर पर एसपी के आदेश के बाद सरायलखंसी थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें सरायलखंसी थाना क्षेत्र के हरदसपुर गांव निवासी सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री अजय कुमार सिंह पुत्र स्व. शिव प्रसाद सिंह को आरोपी बनाया गया था। आरोप था कि अजय कुमार सिंह ने अपने विरुद्ध दर्ज आपराधिक मुकदमों को छुपाकर एक झूठा शपथ पत्र जिलाधिकारी के समक्ष देकर असलहा का लाइसेंस प्राप्त कर लिया था। जांच के बाद जिलाधिकारी ने लाइसेंस निरस्त कर एफआईआर दर्ज हुई। मामले में अजय कुमार सिंह की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी गई, जिसे जिला जज ने 30 सितंबर 2021 को सशर्त स्वीकार कर लिया था। जिला जज ने अपने जमानत स्वीकृति के आदेश में पांच शर्तें लगाया था।
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अभियुक्त अजय कुमार सिंह द्वारा जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने पर विनोद कुमार सिंह ने जिला एवं सत्र न्यायालय से उसे मिली अग्रिम जमानत को निरस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।। सुनवाई के बाद 17 मई को एडीजे ने अग्रिम जमानत की शर्त संख्या दो, चार और पांच का उल्लंघन पाते हुए उनकी अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया। साथ ही उन्हें एक सप्ताह में सीजेएम न्यायालय में आत्म समर्पण करने का आदेश दिया था। अवधि बीतने के बाद भी उन्होंने कोर्ट में आत्मसमर्पण नहीं किया। जिस पर सीजेएम ने अजय कुमार सिंह के विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी किया है।
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