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जिला अस्पताल में आग से बचाव के इंतजाम नहीं

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नगर के बालनिकेतन स्थित सीएमओ कार्यालय में नहीं लगा अग्निशमन यंत्र।संवाद - फोटो : MAU
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मऊ। जिला अस्पताल में आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। इतना ही ही नहीं सीएमओ कार्यालय के साथ ही कई निजी अस्पताल भी इस लापरवाही में शामिल हैं। ऐसे में यहां के मरीजों के साथ ही कर्मचारी भी खतरे की जद में हैं। इतना जरूर है कि जिला महिला अस्पताल में हर तल पर अग्निशमन यंत्र मौजूद हैं। आग लगने की दशा में यहां बचाव आसानी से संभव है। जिले में मानकों को ताक पर रखकर नर्सिंग होम एवं क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। इतना ही नहीं यह मानक सीएमओ कार्यालय के साथ जिला अस्पताल और टीबी क्लीनिक में भी नहीं हो रहा है। केवल महिला जिला अस्पताल में अग्निशमन यंत्र लगा हुआ है। चौकाने वाली बात है कि नर्सिग होम तथा दूसरे अस्पतालों को हिदायत देने वाले सीएमओ कार्यालय में ही अग्नीशमन यंत्र न लगा होना जिम्मेेदारों की आगलगी की घटना से बचाव को लेकर संजीदा होना बता रहा है। कई निजी अस्पताल ऐसे जगहों पर हैं जहां अग्निशमन की गाड़ी पहुंचने के लिए कोई रास्ता तक नहीं है। अप्रैल के शुरुआत में पड़ रही भीषण गर्मी मई जून की गर्मी का अहसास कराने के साथ इस सीजन में आगलगी की घटनाओं से बचाव के लिए इशारा भी कर रही है लेकिन यह इशारा स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों से कोसों दूर है। सोमवार को अमर उजाला की टीम जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल के साथ सीएमओ कार्यालय और टीबी क्लीनिक पहुंची तो स्थिति का पता चला। टीम को न तो सीएमओ कार्यालय में आग से बचाव को लेकर कहीं अग्निशमन यंत्र लगा दिखा, न ही बगल में बने टीबी क्लीनिक सेंटर में। वहीं महिला जिला अस्पताल में न केवल अग्निशमन यंत्र लगा मिला, बल्कि मानक के अनुरूप हाइड्रेंट भी लगा था। वहीं जिला अस्पताल में न तो ओपीडी में आग से बचाव के उपाय दिखे न ही इमरजेंसी में। ऐसे में यदि यहां आग लगती है तो उससे लोग कैसे बचेंगे यह सोचने वाली बात है।

नगर के बालनिकेतन स्थित जिला महिला अस्पतलाल में लगा अग्निशमन यंत्र।संवाद- फोटो : MAU

जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में नहीं लगा अग्निशमन यंत्र।संवाद- फोटो : MAU

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