नगर स्थित रोडवेज परिसर में खड़ी बसें।संवाद
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मऊ। गाजीपुर-वाराणसी रूट पर रोडवेज की बसों को संचालन न होने से यात्री परेशान हैं। हालांकि दूसरे डिपो की बसें यात्रियों के लिए सहारा बन रही हैं। लेकिन फिर भी यात्री परेशान हैं। उधर, परमिट न मिलने से मऊ डिपो की बसों का संचालन बाधित हो रहा है। सब जानते हुए भी अधिकारी लापरवाह हैं। इस बारे में उनकी ओर से कोई लिखा पढ़ी भी नहीं की जा रही है। मऊ डिपो के बेड़े में 50 बसें शामिल हैं। इनमें बलिया, गोरखपुर, आजमगढ़, लखनऊ, दिल्ली, प्रयागराज, मधुबन, मझवारा, मोलनापुर रूट पर बसों का संचालन हो रहा है। इससे प्रतिदिन रोडवेज को करीब पांच लाख रुपये का राजस्व भी मिल रहा। लेकिन गाजीपुर-वाराणसी रूट पर यात्रियों की संख्या ज्यादा होने के बाद भी इन रूटों पर रोडवेज बसें संचालित नहीं की जा रही हैं। बताया जा रहा है कि इस रूट पर परमिट न मिलने की वजह से बसों को नहीं चलाया जा रहा है। जबकि इस रूट पर यात्रियों की संख्या को देखते हुए निजी बस संचालकों द्वारा 12 से अधिक बसें चलाई जाती हैं। इससे प्रतिदिन इन्हें लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। उधर, सोनभद्र, काशी, विंध्यनगर डिपो की बसें मऊ डिपो से गुजरती हैं जो इन यात्रियों के लिए इन रूटों पर पहुंचने का सहारा बनती हैं। लेकिन अधिकांश समय इन बसों में पहले से यात्रियों की भीड़ होने के चलते यात्रियों को जगह नहीं मिल पाती। ऐसे में उन्हें डग्गामार या फिर ट्रेन का सहारा लेकर गंतव्य की ओर रवाना होना पड़ता है। मऊ डिपो में गाजीपुर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे यात्री इंद्रजीत ने कहा कि डिपो से सीधे गाजीपुर के लिए बस न होने दूसरे डिपो की बसों पर निर्भर रहना पड़ता है। इन बसों का इंतजार करना मजबूरी है। दूसरे यात्री लालचंद्र, वशिष्ठ नरायण और संजय ने बताया कि वह अक्सर मऊ डिपो से अलग अलग रूटों के लिए बसों से यात्रा करते हैं। लेकिन गाजीपुर-वाराणसी रूट पर बस का संचालन न होने से दूसरे डिपों की बसों के इंतजार में काफी समय बर्बाद होता है। एआरएम प्रमोद सिंह ने बताया कि गाजीपुर-वाराणसी रूट पर परमिट न होने से बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है। दूसरे डिपो की बसें जो मऊ डिपो में आती है उससे यात्री इन रूटों पर यात्रा कर रहे हैं। समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
वशिष्ट नारायन। यात्री रोडवेज- फोटो : MAU
लालचंद। यात्री रोडवेज- फोटो : MAU
संजय। यात्री रोडवेज- फोटो : MAU
इन्द्रजीत। यात्री रोडवेज- फोटो : MAU