मऊ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मियों ने बुधवार को मुुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शासन द्वारा 25 फीसदी वेतन वृद्धि का वायदा करने के बाद इसे अमल न करने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। बुधवार को एनएचएम कर्मी डॉ. शैलजाकांत पांडेय, डॉ. अश्वनी सिंह के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। यहां मुख्य राजस्व अधिकारी को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से एनएचएम कर्मियों ने अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 जैसी महामारी के दौर में भी संविदा कर्मियों के साथ भेदभाव कर उनको प्रताड़ित किया जा रहा है।
कहा कि हर सरकारी अस्पताल पर संविदा कार्यरत डॉक्टर- पैरामेडिकल स्टाफ और संबंधित कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर पूरे मनोयोग से इस महामारी के दौर में जी जान से लगे हुए हैं। दूसरी तरफ राज्य सरकार इन संविदा कर्मियों के साथ दोहरा रवैया अपना रही है। डॉ. शैलजाकांत पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड-19 में कार्य करने वाले कर्मचारियों को 25 प्रतिशत वेतन वृद्धि का वादा किया है। लेकिन इसका लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है।
कहा कि रैपिड रिस्पांस टीम के कर्मचारी- अधिकारी, सरकारी अस्पतालों में कार्यरत लैब टेक्नीशियन तथा अन्य स्टाफ कोविड-19 में संबंधित कार्य करने वाले कर्मचारी गण एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भी इस 25 प्रतिशत वेतन वृद्धि के हकदार हैं जिनको इन से वंचित रखा गया है। चेताया कि मांग पूरी न होने की स्थिति में वह अपने कार्य से बहिष्कार करने का बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में डॉ. अंजनी त्रिपाठी, डॉ. अश्वनी सिंह, डॉ. नौशाद अहमद खान, डॉ. अशफाक अहमद अंसारी, संतोष गुप्ता, बिंदेश्वरी राय, अभय कुमार यादव, सर्वेश यादव आदि मौजूद रहे।