मऊ। तमसा नदी स्थित गाय घाट के पास शीघ्र ही 12 करोड़ रुपये की लागत से नए घाट का निर्माण कराया जाएगा। यहां 51 फीट लंबी भगवान शंकर की प्रतिमा स्थापित होगी। घाट पर शहर की अमूल्य धरोहरों को भी सजाया जाएगा। इससे लोग अपने इतिहास से भी परिचित होगें। नगर पालिका प्रशासन ने सर्वे रिपोर्ट शासन को भेज दिया है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
गोस्वामी तुलसी दास ने रामचरित मानस में तमसा नदी का उल्लेख किया है। वन जाते समय श्रीराम-लक्ष्मण व सीता ने अयोध्या के बाहर सर्वप्रथम तमसा नदी के तट पर विश्राम किया था। पौराणिक तमसा नदी कभी अवध क्षेत्र से निकलकर आजमगढ़ से होकर मऊ होते हुए बलिया में गंगा नदी में जाकर मिलती है। पौराणिक महत्व को देखते हुए शासन की तरफ से तमसा तट स्थित गायघाट को विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। गाय घाट के पास 12 करोड़ रुपये की लागत से नए घाट का निर्माण कराया जाएगा। यहां 51 फीट लंबी भगवान शंकर की प्रतिमा स्थापित होगी। घाट पर शहर की अमूल्य धरोहरों को भी सजोया जाएगा। यहां प्रतिदिन शाम को तमसा आरती होगी।
नगर पालिका प्रशासन की तरफ से घाट के निर्माण के साथ अन्य कार्य के लिए सर्वे प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सीढ़ी, बेंच, बच्चों के खेलने के लिए सामाग्री, डेकोरेशन, बिजली आदि कार्यों के लिए अनुमानित बजट निर्धारित हो गया। सर्वे रिपोर्ट शासन को भेज दिया गया है। अभी डीपीआर मिलने के बाद घाट का निर्माण कार्य शुरू होगा। घाट का निर्माण रेलवे के पुल से लेकर गाय घाट के सामने तक होगा।घाट के बनने वाली चहारदीवारी पर जिले की अमूल्य धरोहरों की चित्रकारी भी होगी। इससे लाेग जिले के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व ऐतिहासिकता से भी परिचित होंगे। आने वाले दिनों में मुख्यालय की तमसा नदी आध्यात्म का नया केंद्र बनेगी।
तमसा नदी स्थित गाय घाट के पास नए घाट का निर्माण होगा। सर्वे रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। बजट मिलने के बाद अगली प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
- दिनेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका