नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में मंगलवार को तापमान चरम पर पहुंच जाने से लोग गर्मी से बेहाल रहे। ऐसे में पशु पक्षी से लेकर आम जन परेशान रहे। तपिश और गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। दोपहर में जहां बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा तो वहीं जरूरी काम से ही लोग बाहर निकले।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जून माह में 11 दिन बीत गया, लेकिन बारिश के आसार नजर नहीं आ रहा है। इसके चलते गर्मी का प्रकोप जारी रहने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। सुबह लगभग दस बजे से ही आसमान से आग बरसती रही। एक तरह जहां लोगों को न घर और न ही बाहर चैन मिल रहा था।
वहीं दूसरी तरफ बिजली कटौती से लोगों को एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा था।भीषण गर्मी के प्रकोप से ग्रामीण क्षेत्रों में काफी संख्या में पोखरे सूख चुके हैं।
प्यास से तड़प रहे वन्य जीव जंतु पानी के लिए इधर उधर भटकते देखे गए। तेजी से बढ़ रहे तापमान से भूगर्भ जलस्तर तेजी से नीचे खिसक रहा है।
इसके चलते कई हैंडपंपों से नाम मात्र पानी निकल रहा है। इसके चलते लोगों को शुद्ध पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। गर्मी से बचने के लिए लोग सत्तू, बेल का शर्बत, आम का पन्ना, तरबूजा, ककड़ी, खीरा आदि का प्रयोग करते देखे जा रहे थे।