कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते जिलाधिकारी निखिलचंद शुक्ला।
गेहूं की फसल अभी खेतों में है। कटाई शुरू नहीं हुई लेकिन मुख्यमंत्री का तेवर देख गेहूं क्रय केंद्रों को चाक चौबंद करने के लिए अधिकारियों के दौरे शुरू हो गए हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यशाला में जिलाधिकारी निखिलचंद शुक्ल ने गेहूं क्रय केंद्र प्रभारियों के पेंच कसे।
जिलाधिकारी ने केंद्र प्रभारियों से कहा कि किसान हित सर्वोपरि है ,प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में किसान हैं। इसलिए किसानों गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों का किसी प्रकार का शोषण कत्तई नहीं होना चाहिए। यदि क्रय केंद्र पर किसी भी प्रकार की शिकायत पाई जाएगी तो क्रय केंद्र प्रभारी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी ने हिदायत दी कि सभी क्रय केन्द्रों पर छाया एवं पीने का पानी के साथ पंखा, झरना एवं सभी मशीनें उपलब्ध रहनी चाहिए। डीएम ने कहा कि क्रय केंद्र प्रात: नौ बजे से सायं 6 बजे तक अवश्य खुले रहने चाहिए। इस अवधि में कोई केंद्र बंद मिला तो केंद्र प्रभारी को जिम्मेदार माना जाएगा। केंद्रे प्रभारियों को निर्दिष्ट किया कि सभी क्रय केन्द्रों पर बैनर लगा दिए जाएं। बताया कि जनपद में 33 क्रय केंद्र खोले गए हैं। जिसमें विपणन, एग्रो, सहकारिता, पीसीएफ के केन्द्र शामिल है। निर्देश दिया कि यदि 06 अप्रैल तक सभी सुविधाएं केंद्रों पर उपलब्ध नहीं मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरएमओ खाद्य निरीक्षक संतोष यादव सहित सभी संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और केंद्र संचालक उपस्थित रहे।