मऊ। जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल की अध्यक्षता में पौधरोपण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल ने कहा कि चिंहित विभागों के विभागाध्यक्ष पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसको निश्चित रूप से पूरा करेंगे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। पौधे लगाने के साथ-साथ उसकी देख-रेख में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। कहा कि जनपद में अधिक से अधिक पौधों को लगाया जाना है।
उन्होंने कहा कि छायादार पौधों को अधिक से अधिक लगाएं। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पौधों के लगाए जाने के स्थानों का चिंहीकरण कर लें। जिससे की लक्ष्य को पूरा किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि पौधारोपण का कार्य संपन्न होने के बाद उसकी जांच की जाएगी और जांच के दौरान लक्ष्य की पूर्ति नहीं पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार को निर्देश दिया कि अपने-अपने तहसील स्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में खाली सरकारी भूमि का चिंहीकरण अवश्य कर उसमें पौधा लगवाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के प्रत्येक न्याय पंचायतों में मीनी फारेस्ट बनाएं। जिसमें पीपल, पाकड़, नीम, सहजन, बरगद आम, अमरूद आदि पौधों को लगाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि 2021-22 में संबंधित विभाग को पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। पर्यावरण विभाग द्वारा 75000, ग्राम्य विकास विभाग द्वारा 762840, राजस्व विभाग द्वारा 86880, पंचायत राज विभाग द्वारा 86880, औद्योगिक विकास विभाग द्वारा 1920, नगर विकास द्वारा 13440, लोक निर्माण विभाग द्वारा 7200 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
वहीं सिंचाई विभाग द्वारा 7200 कृषि विभाग द्वारा 145860, पशुपालन विभाग द्वारा 2760, सहकारिता विभाग द्वारा 3480, उद्योग विभाग द्वारा 5400, विद्युत विभाग द्वारा 2160, माध्यमिक शिक्षा द्वारा 1740, बेसिक शिक्षा द्वारा 1740, प्राविधिक शिक्षा द्वारा 3600, उच्च शिक्षा द्वारा 13560, श्रम विभाग द्वारा 1800, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 7200, परिवहन विभाग द्वारा 1800, उद्यान विभाग द्वारा 96276, पुलिस विभाग द्वारा 4440, रेशम विभाग द्वारा 18849, रेलवे विभाग 9480, रक्षा विभाग द्वारा 4440, आवास विकास द्वारा 5400 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य राजस्व अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, डीएफओ, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी आदि शामिल रहे।