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यातायात नियमों के पालन में लापरवाही जिंदगी पर पड़ रही भारी

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मऊ। जिले में लगभग हर दूसरे दिन गंभीर सड़क हादसे हो रहे हैं। इसका सिर्फ एक कारण सही तरीके से यातायात नियमों का पालन न करना है। संभागीय परिवहन कार्यालय की तरफ से जागरुकता अभियान के नाम पर वाहनों का कागज चेक कर चालान करने का कार्य किया जाता है। अभियान में तेजी लाने के लिए कभी-कभी हेलमेट न लगाने वाले का चालान कर दिया जाता है। यातायात नियमों के पालन में लापरवाही का नतीजा है कि 13 माह में 222 सड़क हादसे की घटना हुई। इसमें 194 लोग मौत के मुंह में चले गए। जबकि 121 घायल होकर अस्पताल में भर्ती हए।
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वर्तमान में एआरटीओ तथा यातायात पुलिस सड़क सुरक्षा माह अभियान के तहत वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का दावा तो कर रहे हैं। लेकिन हकीकत कहीं धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। बीते 21 जनवरी से शुरु हुए यातायात सुरक्षा माह के 13 दिन बीतने को हैं, लेकिन यातायात नियमों के प्रति कहीं जागरुकता कैंप या फिर कवायद होती नहीं दिखी। हालांकि विभाग का दावा है कि पुलिस के सहयोग से लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा। लेकिन एआरटीओ कार्यालय के द्वारा उठाए गए कदम से न तो कहीं जागरूकता दिख रही और ना ही हादसों में गिरावट आ रही है। लोग बिना हेमलेट और तीन सवारी यात्रा करते हुए देखे जा सकते हैं। इनमें ऐसे भी लोग मिलेंगे जो एक हाथ से स्टेयरिंग संभाल रहे हैं तो दूसरे हाथ से मोबाइल पर बात कर रहे हैं। कई तो ऐसे दिख जाते हैं जो बाइक को ही टेंपो की भांति तीन सवारी बिठाकर चलते हैं। जागरूकता कार्यक्रम के असर पर पड़ताल की गई तो कई ऐसी तस्वीरें सामने आईं जो यह साबित करने के लिए काफी हैं कि उन्हें नियम से कोई मतलब नहीं है।
2019 में हुई थी 132 लोगों की मौत
मऊ। जिले में हादसों में मौत के आंकड़ों पर गौर करें तो बीते वर्ष 2020 में 198 सड़क हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में 95 लोग जान गंवा चुके हैं। वहीं 106 घायल हो चुके है। जबकि जनवरी 2021 में 24 सड़क हादसों में नौ लोगों की मौत हो गई जबकि 15 लोग घायल हुए। वहीं वर्ष 2019 में 258 सड़क हादसें में 132 ने अपनी जान गवाई थी,जबकि 147 लोग घायल हो गए थे। बीते दिसंबर माह में 30 सड़क हादसे हुए यानी हर दिन एक सड़क हादसा। इसमें 14 लोगों की मौत हो गई और 17 लोग घायल हो गए।
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लोगों को जागरूक कराने के साथ गलत तरीके से सड़क पर चलने वालों का चालान करने की कार्रवाई की जाती है, साथ ही इसके अलावा लोगों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक करने लिए जगह जगह पर होर्डिंग आदि लगाई गई है। ताकि लोग यातायात के चिह्नों को जानें। - महेंद्र बाबू, एआरटीओ, मऊ।
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