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वर्तमान हालात में अतीत को याद करने की आवश्यकता : मौलाना खालिद सैफुल्लाह

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संवाद न्यूज एजेंसी
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मऊ। नगर के छित्तनपुरा स्थित सहन में रविवार की शाम ‘इस्लाहे मोआशेरा’ अर्थात समाज सुधार जनसभा में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित हुए।
इस मौके पर मुख्य अतिथि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा कि आज के वर्तमान हालात में हमें अपने अतीत को याद करने की नितांत आवश्यकता है।
उन्होंने आगे कहा कि मुसलमानों को किसी भी हाल में निराश होने की कोई आवश्यकता नहीं। क्योंकि ईश्वर ने कहा है कि हम तुम्हें हर प्रकार से आजमाएंगे और तुम्हें परीक्षा से गुजरना होगा। ऐसी स्थिति में धैर्य का दामन हाथ से नहीं छूटना चाहिए।
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सामाजिक सुधार से इन हालात का बड़ा गहरा संबंध है, क्योंकि इसके माध्यम से सार्थक प्रेरणा देकर समाज के सुधार को सुनिश्चित किया जा सकता है। कहा कि तीन तलाक, मुसलमानों के दांपत्य जीवन, पतियों का उनकी पत्नियों से कुशल व्यवहार, बच्चों की दीक्षा, सामाजिक समन्वय एवं मानवीय आधारों की बारीकियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मौलाना ने आगे कहा कि अपना जीवन जिस प्रकार व्यतीत कराना चाहिए था उससे हट कर इस्लामी दायित्वों की अनदेखी करते हुए मुसलमान जिस डगर चल रहे हैं। वह इस्लामी दृष्टिकोण से अनुचित है।
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कहा कि आज इस बात की नितांत आवश्यकता है कि हम अपने समाज के नव सृजन पर ध्यान दें, ताकि सामाजिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वक्फ जायदादों का जो किरदार है वह वास्तव में उसी रूप में स्थापित रहे जिसके लिए सृजन हुआ था।
इस मौके पर मौलाना जमाल अहमद नदवी, नगर पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल, पूर्व सांसद सलिम अंसारी, हाफिज कारी सआद, एखलाक आदि माैजूद थे।
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