दोहरीघाट के देवारा क्षेत्र में फैला घाघरा नदी का पानी।
दोहरीघाट / दुबारी। घाघरा का जलस्तर जैसे-जैसे खतरा बिंदु के ऊपर बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे तटवर्ती इलाके के लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। नदी का पानी बंधों तक पहुंच गई है। सबसे भयावह मंजर नवली गांव का हुआ है।यहां रिंग बंधे से 100 मीटर बने स्पर के समीप कटान तेजी से हो रही है। कटान जारी रहने से ऐतिहासिक धरोहरों तथा तटवर्ती गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहने से मधुबन तहसील के देवारा के संपर्क मार्ग जलमग्न होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। पानी का दबाव बढ़ने से राधाकृष्ण मंदिर के पास पुलिया तथा प्राथमिक विद्यालय के पास खैरा संपर्क मार्ग टूट जाने से आवागमन ठप है।
घाघरा के जलस्तर में उफान जारी रहने से लोगों की परेशनी बढ़ती ही जा रही है। नदी खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर बह रही है।जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों में बेचैनी बढती ही जा रही है।घाघरा का पानी बंधों पर टक्कर मार रहा है। घाघरा के बढते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों में हाहाकार मचा हुआ है।सबसे भयावह मंजर नवली गांव का हुआ है। क्योंकि यहां रिंग बंधे से सौ मीटर बने स्पर के समीप कटान तेज हो रही थी। कटानपीड़ितों की मानें तो अगर स्पर कटा तो नवली रिंग बंधे को कटने में देर नहीं लगेगी। जबकि नदी की बैकरोलिग नवली गांव के समीप हो रही है। करीब छह बिस्वा खेत नदी की धारा में कट कर विलीन हो गए। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में सात सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो बुधवार को 70.10 मीटर रहा। मंगलवार का 70.3 मीटर रहा। जबकि गौरीशंकर घाट पर खतरा बिंदु 69.90 मीटर आंका गया है। मधुबन के हाहा नाला पर नदी का जलस्तर 65.60 मीटर रहा। जबकि खतरा का निशान 66.31मीटर है। चिऊटीडाड़ रिंग बंधे पर नदी ने अपना दबाव वनाना शुरू कर दिया है। इधर बन्धे के नीचे की सैकड़ों एकड़ फसल चिऊटीडाड़ से लेकर रामपुर धनौली के समीप की बाढ के पानी में डूब गई है। वहीं जेपी ग्रुप के स्टोर रूम और आवासों में पानी भर जाने से जेवीसी मशीनों का िनकलना मुश्किल हो गया है। उधर मधुबन के देवारा में भी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर काफी तेज गति से बढने के कारण कई पुरवा पानी के घेरे में आ गए हैं। कई देवारा मार्ग जलमग्न हो गए हैं। राधाकृष्ण मंदिर के पास पुलिया तथा प्राथमिक विद्यालय खैरा का संपर्क मार्ग टूट गया है। कटान का क्रम जारी है।