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1957 के विधान सभा चुनाव में नत्थूपुर और कोपागंज नाम से गठित हुई थी दो नई विधान सभाएं

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मुहम्मदाबाद गोहना। देश मे साल 1952 में विधानसभा का पहला आम चुनाव कराया गया। पांच साल बाद 25 फरवरी 1957 को उतर प्रदेश में विधान सभा के लिए दूसरा आम चुनाव हुआ। दूसरी विधान सभा चुनाव के पूर्व एक बार फिर से नया परिसीमन हुआ जिसमें 1951 में गठित घोसी पूर्वी और घोसी पश्चिमी हिस्से से कुछ हिस्से को अलग कर नत्थूपुर नाम से नई विधानसभा का गठन किया गया। कोपागंज से एमए लतीफ नोमानी और नत्थूपुर से रामसुंदर पांडेय विधायक बने थे। इसी प्रकार मुहम्मदाबाद गोहना उतरी और मुहम्मदाबाद गोहना दक्षिणी हिस्से से अलग कर कोपागंज नाम से नई विधान सभा का गठन किया गया। 1957 के चुनाव में भी मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा क्षेत्र से दो विधायक चुने गए। जिसमें एक सामान्य और दूसरा अनुसूचित जाति के लिए चुना गया। इस क्षेत्र के सामान्य सीट पर सीपीआई के चंद्रजीत यादव ने 21774 और सुरक्षित सीट पर कांग्रेस के श्रीनाथ 18709 पाकर विधायक चुने गए। दूसरी तरफ घोसी सीट पर सीपीआई के झारखंडे राय ने 19320 प्राप्त करते हुए कांग्रेस पार्टी के रामेश्वर प्रसाद सिंह को मात्र 491 मतों से शिकस्त देकर दूसरी बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया। हालांकि इस बार उन्होंने पार्टी बदलते हुए सीपीआई से चुनाव लड़ा। इसी क्रम में 1957 में पहली बार गठित हुई नत्थूपूर्व विधानसभा में सोशलिस्ट पार्टी के रामसुंदर पांडेय ने 20204 मत प्राप्त कर कांग्रेस के मंगलदेव को 5826 मतों के अंतर से हराकर दूसरी बार विधायक बनने में कामयाब रहे। इसी चुनाव में ही पहली बार अस्तित्व में आई कोपागंज विधानसभा सीट पर पहली बार चुनाव कराया गया।यहां से कांग्रेस पार्टी के एम ए लतीफ नोमानी ने 12816 मत पाकर सीपीआई के जयबहादुर सिंह को 1855 मतों से हराकर नवगठित कोपागंज विधानसभा से पहला विधायक होने का गौरव हासिल किया। बता दें कि 1957 में भी वर्तमान मऊ विधान सभा का अस्तित्व में नही आई थी।
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