परिवार परामर्श की बैठक में मौजूद लोग।संवाद
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मऊ। मेरा दामाद बहुत अच्छा है, मेरी बेटी ने जो भी मेरे दामाद और उसकी मां पर आरोप लगाया है वह बिल्कुल गलत है। मेरी बेटी ही गलत है तो वह दूसरों पर कैसे इल्जाम लगा सकती है। यह दलील रविवार को परिवार परामर्श की बैठक में सदस्यों के समक्ष अपने दामाद के साथ आई एक महिला ने अपनी बेटी की शिकायत पर दी। मामले में मां की इस दलील के बाद परिवार परामर्श के सदस्यों ने अलग से 20 मिनट तक दोनों पक्षों की काउंसिलिंग के दौरान शिकायत करने वाली बेटी टूट गई और अपना आरोप झूठा बताकर माफी मांगी।
इससे पहले महिला ने आरोप लगाया था कि उसका पति और उसकी सास उसे प्रताड़ित करते हैं, साथ ही उसके भरण पोषण के लिए उस कोई आर्थिक सहयोग नहीं देते है। इस मामले में महिला की मां अपने दामाद के साथ सदस्यों के समक्ष पहुंची और बताया कि उसकी बेटी 2 बच्चों की मां है अपने पति को छोड़कर वह किसी दूसरे युवक के साथ रह रही है। इस दौरान एक युवक ने अपनी सास के खिलाफ शिकायत की, बताया कि शादी के बाद से उसकी सास उसके घरेलू मामलों में अपनी बेटी को बहलाती है, जिससे उसके घर में आए दिन गृह क्लेश होता है।
5 में प्राथमिकी दर्ज, 12 फाइलें बंद
सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक चली बैठक में 51 मामले की सुनवाई हुई, जिसमें 20 का निस्तारण किया गया। जबकि 5 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्णय लिया गया तो वहीं 12 फाइलें बंद कर दी गई। जबकि तीन दंपतियों ने आपसी गिले शिकवे को भुलाकर साथ रहने को तैयार हुए। 31 मामलों में अगली तारीख तय की गई। बैठक में अर्चना उपाध्याय, सर्वेश दूबे, शाहिद पैरिस, मौलवी अरशद के साथ उपनिरीक्षक झिल्लू राम, महिला निरीक्षक मंजू सिंह, आरक्षी पूनम पाल तथा राजलक्ष्मी त्रिपाठी उपस्थित रहीं।