नगर के बड़ागांव के शिया मोहल्ला में शहने जाफरी में जश्ने वफा डे शान शौकत के साथ मनाया गया। इसमें दूर-दूर से आए शायरों ने हजरत अब्बास के शान में कसीदे पढ़े।
इस अवसर पर मौलाना मोजाहिर ने हजरत अब्बास की शान में बताया कि हजरते अब्बास मौला अली की दुआ का सजर है। मौला अली ने इन्हें खुदा से दुआ में मांगा था। ये बहुत बहादुर थे। दुश्मन इनके नाम से कांपते थे। ये इमाम हुसैन के बड़े भाई थे। ये इमाम हुसैन के सेना के सेनापति थे। इनकी फजीलतें बहुत हैं।
इनको बाबे मुराद के नाम से भी जाना जाता था। इस अवसर पर हजरत अब्बास की शान म रौनक हल्लोरी नें दी सलामी परचमें इस्लाम ने सुकरकर कलीम ,बढ के गाजी की कदमबोसी को दरिया आ गया पढा।
इसी क्रम में डा. कलीम घोसवी, बनारसी, चंदन फैजाबादी, डा. वकार घोसवी, सालिम बलरामपुरी आदि ने अपनी रचना पेश कर लोगों को वाहवाह करने पर विवश कर दिया। इस दौरान जहीर अब्बास, नाजिम हुसैन, रिजवान हैदर आदि शामिल थे।