घटना की जानकारी के बाद जुटी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
सूचना पर पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवनाथ त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। राम मुनेष के भाई रामपरिखा यादव की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया। इसमें मुख्य आरोपी कमलेश राय है तथा उसके दो पुत्र दिवाकर तथा विनय राय और प्रधान दुर्गविजय यादव और अशोक यादव को भी आरोपी बनाया गया है।
देर शाम मुख्य आरोपी र्के इंट भट्टे पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान भट्ठे पर बुलडोजर चलवाया गया। एसपी ने बताया कि घटना गुटबाजी के चलते हुई है। सभी आरोपियों को चिह्नित कर लिया गया है। उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
नाली निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग होने की बाबत किसी ने फोन किया तो राम मुनेष खाए जा रहे खाने को छोड़ कर चल दिया था। घटनास्थल पर पहुंचकर निर्माण कार्य का विरोध करने लगा। जो उसकी मौत की वजह बन गया। परिजनों ने बताया कि विरोध की सूचना पर मठ मुहम्मदपुर पुलिस चौकी की पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। जहां दोनों पक्षों में बात बढ़ गई।
जिसमें एक पक्ष की ओर से फायर कर दिया गया। गोली राममुनेष के सीने पर लगी। ग्रामीणों का कहना है कि उसे तीन गोली लगी है। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने जब गोली चलाई तो उसने भागने की कोशिश की लेकिन उसका पीछा कर फिर गोली मारी गई जिससे उसकी मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई हत्या से पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
घटना की जानकारी के बाद जुटी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
गांव में हर किसी की जुबान पर घटना का जिक्र तो था लेकिन कोई कुछ भी बोलने से बच रहा था। ग्रामीण भले ही खुलकर कुछ नहीं बोल रहे लेकिन दबे मुंह इस घटना के पीछे पुरानी रंजिश तथा चुनाव को वजह मान रहे हैं। भले ही घटना की वजह वर्तमान में नाली निर्माण हो।
बताया जा रहा है कि राम मुनेष ग्राम पंचायत के प्रधानी पद के लिए चुनाव में उठा था और महज 30 से 40 वोटों के अंतर से हार गया था। इसको लेकर भी दोनों पक्षों में काफी समय से अदावत चली आ रही थी। चुनाव के समय भी दोनों पक्षों में गोली चल चुकी थी।
राममुनेष तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। वह खेती किसानी कर परिवार का भरण पोषण करता था। उसके दो भाई राम परिख (35) तथा बबूल यादव (34) हैं। मृतक की पत्नी रंजू देवी, मां दुर्गावती तथा छह वर्ष का पुत्र शुभम तथा दो पुत्रियां रीतिका यादव तथा रिया यादव हैं। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय, एएसपी टीएन त्रिपाठी खुद मौके पर पहुंचे तो वहीं सुरक्षा के लिहाज से हलधरपुर, सरायलंखसी, कोपागंज की पुलिस फोर्स के साथ भारी संख्या में पीएसी की तैनाती रही।