कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसभा में पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव को माला पहनाकर स्वागत करते सपा कार्?
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मऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव जिले में आखिरी बार 31 दिसंबर 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री बेटे अखिलेश यादव के साथ आए थे। इस दौरान उन्होंने जिले को दो-तीन सौगातें दी थीं।
नेता जी की प्रेरणा से जिले की दो महान विभूतियों पं.अलगू राय शास्त्री और कामरेड जयबहादुर सिंह की प्रतिमाओं की स्थापना कलेक्ट्रेट परिसर में हुई। साथ ही जिले में100 शय्या के नये अस्पताल खोले जाने की घोषणा भी हुूई थी, जो अब टड़ियांव में बनकर तैयार है। नवीन कृषि मंडी के लोकार्पण के साथ ही रक्षामंत्री रहने के दौरान मदरसा तालीमुद्दीन को 25 लाख की आर्थिक सहायता दी थी। इसके पूर्व1996 में यहां आए मुुलायम सिंह ने बुनकरों के लिए बिजली के फ्लैट रेट के लिए पासबुक भी जारी की थी। उन्होंने पूर्व पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल की पत्रिका बागे मशरिक का विमोचन भी किया था। पूर्व पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल कहते हैं कि मेरी पत्रिका के विमोचन से नाराज तत्कालीन सीएम मायावती ने रासुका के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया था। तब नेता जी ने यह मामला लोकसभा में उठाया था। उनकी पहल पर तत्कालीन राष्ट्रपति डा. शंकर दयाल शर्मा के आदेश पर रिहाई का आदेश 12 बजे रात में जिला प्रशासन को आया था। उसका सत्यापन करने में तीन दिन लग गए तब मुझे जेल से रिहा किया गया। जब मैं नेता जी से मिलने गया तो उन्होंने कहा कि तीन दिन में ही छूट गए। यदि एक महीने बाद जेल से छूटते तो मैं तुम्हें बड़ा राजनेता बना देता। बताते हैं कि उन्हें याद है कि जब मैं उनसे लखनऊ मिलने गया तो मेरी चार साल की बेटी सना भी जिद कर बैठी कि मैं भी दादा से मिलूंगी। जब बेटी की आवाज नेता जी के कान में पड़ी तो कार से बाहर आए और उसे गोद में उठाकर दुलारा। ऐसा था नेता जी का विराट व्यक्तित्व।