मऊ। राम सिंह मौर्या व सिपाही सतीश की हत्या तथा गैंगस्टर एक्ट और विधायक निधि के गबन के मामलों में बांदा जेल में निरुद्ध पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई। रामसिंह मौर्या, सिपाही सतीश की हत्या तथा विधायक निधि मामले में बहस के लिए 20 जुलाई की तिथि नियत की है। वहीं गैंगस्टर मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई को होनी है। विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए कोर्ट दिनेश कुमार चौरसिया की कोर्ट में रामसिंह मौर्या, सिपाही सतीश की हत्या मामले में मुख्तार की पेशी वीसी से हुई। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा अशोक कुमार सिंह की तहरीर पर पांच नामजद और कुछ अज्ञात हत्यारोपियों के विरुद्ध दक्षिण टोला थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें मुख्तार अंसारी सहित पांच लोगों को नामजद किया गया था। आरोप है कि 19 मार्च 2010 को अजय प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना सिंह की हत्या के मामले के गवाह राम सिंह मौर्य और उनकी सुरक्षा में लगा सिपाही सतीश की तत्कालीन एआरटीओ कार्यालय के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में दोनों पक्षों की गवाही पूर्ण हो चुकी है। पत्रावली में बहस होनी है। अगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई तय है। इसी तरह दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के गैंगस्टर एक्ट के मामले में भी मुख्तार अंसारी की पेशी विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए दिनेश कुमार चौरसिया की कोर्ट में हुई। इसमें गवाह हरेंद्र सिंह उपस्थित हुए लेकिन आरोपियों की ओर से बहस नहीं हुई। इस मामले में मुख्तार अंसारी सहित दो की जिरह हो चुकी हैं। शिवशंकर व रामू मल्लाह की ओर से बहस के लिए कोई उपस्थित नहीं हुआ। इस पर बहस का अवसर समाप्त कर दिया गया। शैष आरोपियों की ओर से बहस के लिए समय की मांग की गई। इस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 27 जुलाई की तिथि तय की। बता दें कि राम सिंह मौर्य और सिपाही सतीश की हत्या के मामले को आधार बनाते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला संदीप सिंह ने मुख्तार अंसारी सहित कई लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया था। इस मामले में साक्ष्य की कार्रवाई चल रही है। तीसरा मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। विधायक निधि के दुरुपयोग के मामले में दर्ज मुकदमे में एसीजेएम/एमपी एमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी के न्यायालय में वीसी से मुख्तार अंसारी की पेशी हुई। मामले में मुख्तार अंसारी, आनंद, बैजनाथ यादव और संजय सागर को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित कर दिया है। मामले में आरोप तय होना है। अधिवक्ता दारोगा सिंह ने आरोप पर बहस के लिए समय की मांग की। एसीजेएम/एमपी एमएलए ने विधायक निधि के दुरुपयोग के मामले में आरोप पर बहस के लिए 20 जुलाई की तिथि तय की है।