मऊ। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों तथा शिक्षणेतर कर्मचारियों का आंदोलन रंग लाया है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के तहत जिले में संचालित राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब उनका वेतन केंद्रांश के चक्कर में नहीं रुकेगा। नियमित भुगतान के लिए शासन ने उनका वेतन मद सामान्य राजकीय इंटर कॉलेजों की भांति करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे जिले के 14 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को समय से वेतन मिल सकेगा। जिले में 14 राजकीय माध्यमिक विद्यालय हैं। लगातार चार माह से वेतन भुगतान न होने से विद्यालयों में तैनात शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के समक्ष मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का वेतन केंद्रांश आने के बाद राज्यांश मिलाकर दिया जाता रहा है। इससे अक्सर भुगतान में विलंब होता था। इस बीच चार महीने से वेतन नहीं मिलने से परेशान शिक्षकों, कर्मचारियों द्वारा आंदोलन किया जा रहा था।मांगों को लेकर शिक्षक तथा शिक्षणेतर कर्मचारी आंदोलित थे। आंदोलन के बाद शासन की तरफ से राहत प्रदान किया गया है। शिक्षा व वित्त विभाग ने शासन को रमसा के शिक्षकों का वेतन मद भी सामान्य राजकीय इंटर कॉलेजों की भांति करने का प्रस्ताव किया था जिसे मंजूरी मिल गई है। इस बाबत डीआईओएस देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि वाट्सएप पर राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों के नियमित भुगतान का आदेश मिला है।