मऊ। रामसिंह मौर्या और सिपाही सतीश की हत्या और गैंगस्टर एक्ट के मामले में शनिवार को बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई। हत्या के मामले में वादी मुकदमा अशोक सिंह की अर्जी पर उच्च न्यायालय ने कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए दिनेश कुमार चौरसिया ने हत्या के मामले में सुनवाई के लिए 2 दिसंबर की तिथि नियत की। वहीं, गैंगस्टर के मामले में सुनवाई के लिए 18 नवंबर की तिथि नियत की गई। इसमें एक मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का और दूसरा मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।
पहला मामला थाना दक्षिण टोला क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा अशोक कुमार सिंह की तहरीर पर पांच नामजद और कुछ अज्ञात हत्यारोपिय़ों के विरुद्ध दक्षिण टोला थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें मुख्तार अंसारी सहित पांच लोगों को नामजद किया गया था। आरोप है कि 19 मार्च 2010 को अजय प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना सिंह की हत्या के मामले के गवाह राम सिंह मौर्य और उनकी सुरक्षा में लगा सिपाही सतीश की तत्कालीन एआरटीओ कार्यालय के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई।
मामले में दोनों पक्षों की गवाही पूरी हो चुकी है। पत्रावली में बहस होनी है लेकिन मुख्तार अंसारी की ओर से प्रार्थना पत्र देकर आरक्षी राजेंद्र यादव, संतोष सिंह व राजेंद्र प्रसाद को सफाई साक्ष्य के लिए तलब किए जाने की मांग की गई हैं। मामले में वादी मुकदमा की अर्जी पर उच्च न्यायालय ने कार्यवाही पर रोक लगा दी है। जिस पर विशेष न्यायाधीश ने सुनवाई के लिए 2 दिसंबर की तिथि नियत की।
दूसरा मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। विधायक निधि के मामले में दर्ज एफआईआर को आधार बनाकर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुख्तार अंसारी व अन्य के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुआ था। मामला एमपी/एमएलए कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है। विशेष न्यायाधीश में मामले में सुनवाई के लिए 18 नवंबर की तिथि नियत की।