मऊ। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए की कोर्ट में बुधवार को राम सिंह मौर्या और सिपाही सतीश की हत्या तथा असलहा के मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई। इस दौरान जेल अधीक्षक बांदा की ओर से मुख्तार का इलाज कराने की अनुमति भी कोर्ट से मांगी गई। प्रभारी विशेष न्यायाधीश आसिफ इकबाल रिजवी ने अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह के तर्कों को सुनने के बाद जेल अधीक्षक बांदा को नियमानुसार इलाज कराने की अनुमति दी। साथ ही हत्या के मामले मे अगली पेशी के लिए पांच व गैंगस्टर एक्ट के मामले में छह जुलाई की तिथि नियत की। मामला दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा अशोक कुमार सिंह की तहरीर पर पांच नामजद और कुछ अज्ञात हत्यारोपिय़ो के विरुद्ध थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें मुख्तार सहित पांच लोगों को नामजद किया गया था। आरोप है कि 19 मार्च 2010 को अजय प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना सिंह की हत्या के मामले के गवाह राम सिंह मौर्य और उनकी सुरक्षा में लगे सिपाही सतीश की तत्कालीन एआरटीओ कार्यालय के पास गोली मारकर हत्या कर दी गइ थी। मामले में दोनों पक्षों की गवाही पूर्ण हो चुकी है। पत्रावली मे बहस होना है। दूसरा मामला भी इसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, थाना में तत्कालीन थानाध्यक्ष निहाल नंदन की तहरीर पर मुख्तार के विरुद्ध फर्जी असलहा प्रकरण में की गई पैरवी को आधार मानते हुए गैंगस्टर एक्ट के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। जिसमें मुख्तार अंसारी सहित सात लोग आरोपी थे। मामले मे आरोपी मुख्तार अंसारी की पेशी हुई।