मऊ। राम सिंह मौर्या व सिपाही सतीश की हत्या, गैगेंस्टर, फर्जी असलहा के मामले में की गई पैरवी और विधायक निधि का गबन के कुल चार मामलों में बांदा जेल से मुख्तार अंसारी की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई। विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए कोर्ट ने रामसिंह मौर्या व सिपाही सतीश की हत्या व गैंगस्टर के मामले में बहस के लिए तीन अगस्त की तिथि तय की। पहला मामला दक्षिणटोला का है। अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा अशोक कुमार सिंह की तहरीर पर पांच नामजद और कुछ अज्ञात हत्यारोपिय़ो के विरुद्ध दक्षिण टोला थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें मुख्तार अंसारी सहित पांच लोगों को नामजद किया गया था। आरोप है कि 19 मार्च 2010 को अजय प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना सिंह की हत्या के मामले के गवाह राम सिंह मौर्य और उनकी सुरक्षा में लगा सिपाही सतीश की तत्कालीन एआरटीओ कार्यालय के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। दूसरा मामला गैंगस्टर का भी इसी थाना क्षेत्र से है। अभियोजन के अनुसार, दक्षिण टोला थाना में तत्कालीन थानाध्यक्ष निहाल नंदन की तहरीर पर मुख्तार अंसारी के विरुद्ध फर्जी असलहा प्रकरण में की गई पैरवी को आधार मानते हुए गैंगेस्टर एक्ट के मामले में एफआईआर दर्ज हुई था। जिसमें मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों को आरोपी बनाया गया। मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी की पेशी हुई। अगली सुनवाई के लिए तीन अगस्त की तिथि नियत की गई। वहीं सरायलखंसी थाने मे दर्ज विधायक निधि के गबन और फर्जी असलहा मामले मे की गई पैरवी के मामले में भी मुख्तार की पेशी वीसी सेएसीजेएम/एमपी एमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी के न्यायालय में हुई। अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते बहस नहीं हो सकी। मुख्तार के अधिवता दारोगा सिंह ने बहस के लिए समय की मांग की। जिसपर एसीजेएम ने आरोप पर बहस के लिए 27 जुलाई की तिथि नियत की। पहला मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। विधायक निधि के दुरूपयोग के मामले में दर्ज मुकदमे मे मुख्तार अंसारी की पेशी हुई। मामले मे मुख्तार अंसारी, आनंद,बैजनाथ यादव और संजय सागर को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित कर दिया है। मामले मे आरोप तय होना है।