मऊ। असलहा प्रकरण और गैंगस्टर एक्ट के कुल दो मामलों में बुधवार को मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से बांदा जेल से पेशी हुई। इस दौरान असलहा प्रकरण में कोई साक्षी उपस्थित नहीं हुआ। सीजेएम एमपी/एमएलए श्वेता चौधरी ने एसआई सरफराज को साक्ष्य के लिए तलब करते हुए 28 फरवरी की तिथि नियत की। वही गैंगस्टर एक्ट के मामले में गवाह निरीक्षक डीके चौधरी उपस्थित हुए, उनकी जिरह हुई। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए दिनेश चौरसिया ने 21 फरवरी की तिथि नियत की। दोनों मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है।
पहला मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष निहाल नंदन की तहरीर पर मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के विरुद्ध फर्जी असलहा प्रकरण में की गई पैरवी को आधार मानते हुए एफआईआर दर्ज हुआ। इसमें पुलिस ने मामले की विवेचना कर मुख्तार अंसारी सहित छह लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। एक आरोपी की मौत हो चुकी है। मामला सीजेएम एमपी/एमएलए की कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है। जिसमें साक्ष्य की कार्यवाही चल रही है। कोई साक्षी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। सीजेएम ने साक्ष्य के लिए एसआई सरफराज अहमद को तलब किया है। तथा शेष साक्ष्य के लिए 28 फरवरी की तिथि नियत की।
दूसरा मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। असलहा मामले में दर्ज एफआईआर को आधार बनाकर मुख्तार अंसारी और अन्य के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई। मामला विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट के न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है। मामले में साक्षी निरीक्षक डीके चौधरी कोर्ट में उपस्थित हुए आरोपियों की ओर से उनके अधिवक्ता ने जिरह किया। एडीजे ने मामले में साक्ष्य के लिए 21 फरवरी की तिथि नियत की।