मऊ। जनपद के जिला मुख्यालय सहित अधिकांश पेट्रोल पंपों पर कंपनियों की ओर से निर्दिष्ट महत्वपूर्ण सुविधाएं नहीं हैं। शहर के किसी भी पेट्रोल पंप पर स्वच्छ शौचालय नहीं हैं। अधिकांश पेट्रोल पंप पर शौचालय बहुत गंदे, नलविहीन, पानी विहीन, टूटे फर्श, टूटे दरवाजे और बिना साबुन के हैं। यदि किसी ग्राहक को जरूरत पड़ी तो उसे भारी परेशानियों उठाई पड़ती है।
ऑफिसर्स कालोनी के निकट हाइवे पर एक पेट्रोल पंप है जहां बाहर तो महिला पुरुष के लिए अलग अलग शौचालय लिखे हुए हैं, लेकिन इनके सारे नल टूटे हुए हैं। दरवाजे तक टूटे हुए हैं। किसी को जरूरत पड़ी तो बाहर लगे हैंडपंप से पानी लेकर दरवाजा विहीन शौचालय का उपयोग करना होता है। यहां के पेट्रोल पंप मैनेजर का कहना था कि गांव वाले आकर नल और दरवाजे तोड़ देते हैं। ऐसा ही हाल लगभग अधिकांश पेट्रोल पंपों का है। मालिक और कर्मचारी अपने लिए एक शौचालय रिजर्व रखते हैं जिसमें ताले बंद रखते हैं।
अदरी और पहसा में पेट्रोल पंपों पर शौचालयों की सुविधा कुछ हद तक ठीक है लेकिन हाथ धोने के लिए साबुन यहां भी नहीं मिलता। पंपों पर पेट्रोल-डीजल भरवाने आने वाले ग्राहकों के लिए ये सुविधाएं मुफ्त में देने के निर्देश हैं, लेकिन, ज्यादातर पंपों पर जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। पंपों पर मुफ्त में हवा भरने, पेयजल, शिकायत पुस्तिका,फर्स्ट एड बॉक्स और शौचालय की सुविधा के निर्देश का पालन पेट्रोल पंप मालिक नहीं करते हैं।
मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक क्षेत्र में कुल सात पेट्रोल पंपों पर शौचालय पेयजल के अलावा कोई भी सुविधा नहीं है।चिरैयाकोट क्षेत्र में पांच पेट्रोल पंपों पर शौचालय, हवा, पानी उपलब्ध है, अन्य कोई सुविधा नही है। कोपागंज में कुल दो पेट्रोल पंपों में से एक पर हवा, शौचालय पानी आदि की सुविधायें हैं।
घोसी कसबे सहित ब्लाक में कुल आठ पेट्रोल पंपों पर शौचालय पेयजल व हवा की सुविधा उपलब्ध है। हवा भरने के पैसे लिए जाते हैं शौचालय बहुत गंदे हैं। सुल्तानपुर बाजार के पास स्थित पेट्रोलपंप पर कोई सुविधा नहीं है। यहां कई बार पेट्रोल, डीजल भी नहीं रहता। रानीपुर क्षेत्र में रानीपुर ,धर्मसीपुर, अमारी पुलिया और बडागांव सहित कुल पांच पेट्रोल पंप है।कई पर हवा, शौचालय,पेयजल की सुविधा उपलब्ध है।