घोसी। कस्बा बाजार में शुक्रवार को एक युवक के गोद से उसके नवजात बच्चे को एक बंदर ने छीन लिया। अचानक इस घटना से युवक और आसपास के लोग सकते में आ गए। कुछ देर बाद लोगों की मशक्कत से उत्पाती बंदर ने नवजात को छोड़ दिया, लेकिन इस दौरान बंदर के हमले में नवजात घायल हो गया। परिजन उसे जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा है।
नगर पंचायत घोसी के पश्चिमी मोहल्ला, खटीक टोला, कायस्थ टोला सहित अन्य मुहल्लों में तीन बंदरों के झुंड ने आंतक मचा रखा है। बंदरों ने अब तक 12 से अधिक लोगों पर हमला कर जख्मी कर चुके हैं। शुक्रवार को इन बंदरों में से एक उत्पाती बंदर ने कस्बा निवासी चंचल के गोद से उनके एक माह नवजात बच्चे को छीन लिया। बंदर के नवजात को छीन लेने की घटना से चचंल तथा अन्य लोगों ने बंदर की घेराबंदी की, जिस डर के बंदर ने नवजात को छोड़ दिया। लेकिन इस दौरान बंदर ने नवजात को सात जगहों से जख्मी कर दिया।
घटना के बाद परिजन जख्मी नवजात का इलाज कराने के लिए जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचकर इलाज करा रहे है। वहीं इस समस्या को लेकर स्थानीय निवासी मदन श्रीवास्तव, शिवानंद जायसवाल, विवेक चौहान, रामचन्द्र सोनकर, वायुनंदन मिश्रा, जुगेश निषाद आदि ने बताया कि उत्पाती बंदरों के झुंड की समस्या से निजात को लेकर कई बार प्रशासन से गुहार लगा चुके है, बावजूद इन्हें पकड़ने की कारवाई नहीं की जा रही है।