कलेक्ट्रेट पर महंगाई के विरोध में प्रदर्शन करते भाकपा माले और इन्नौस के कार्यकर्ता।संवाद
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मऊ। भाकपा माले नेताओं देश में बढ़ती महंगाई, पेट्रोल डीजल रसोई गैस की मूल्य में रोजाना वृद्धि, रामनवमी के बहाने पूरे देश में हिंदुत्ववादी संगठनों द्वारा जगह-जगह दंगों, जेएनयू में भोजन के नाम पर विभिन्न संगठनों द्वारा की गई हिंसा के विरोध में और बलिया में गिरफ्तार पत्रकारों की बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। माले नेताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। इस अवसर पर भाकपा (माले) के जिला सचिव बसंत कुमार ने कहा कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होते ही अब तक 12 बार पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ाए जा चुके हैं।कहा कि रामनवमी में रथयात्रा और जुलूस के बहाने हिंदुत्ववादी संगठनों के दबंगों ने पूरे भारत में उत्पात मचा दिया।इन लोगों ने समाज के आपसी सौहार्द को बिगाड़कर नफरत का जहर घोल दिया है। कहा कि जेएनयू के बहाने देश में खाने-पीने और अपनी धार्मिक परंपरा को निभाने की मिले संवैधानिक अधिकारों पर हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने जेएनयू की घटनाओं की निष्पक्ष जांच,दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और साम्प्रदायिक सद्भाव व अमन-चैन को नुकसान पहुंचाने वाली हर कार्रवाई पर कड़ाई से रोक लगाने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में शिव मूरत गुप्ता,विद्याधर,गिरिजा, तेज बहादुर, रामबली, अजमल,बिलाली ,विजय, दुर्ग विजय ,रामाशंकर,फेंकू राजभर,दीपक,गोविंदा,जंग बहादुर आदि शामिल रहे।