मऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में छठे वेतन आयोग की विसंगतियां दूर करने समेत 18 सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार को राज्य कर्मचारियों ने बाइक जुलूस निकाला। इस दौरान राज्य कर्मचारी नारेबाजी करते चल रहे थे। जुलूस जिलाधिकारी कार्यालय पर जाकर समाप्त हो गया। जुलूस भीटी, मुख्य चिकित्साधिकारी, रोडवेज, पशु चिकित्सालय मुंशीपुरा, जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय, जिला चिकित्सालय, कोषागार,वन विभाग होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर समाप्त हुअ।
इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंत्री अविनाश सिसौदिया ने कहा कि संगठन की तरफ से राज्य कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किए जाने के लिए शासन स्तर से कई बार वार्ता की गई, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है । छठें वेतन आयोग की विसंगतियां केंद्रीय कर्मचारियों के भाति समस्त भत्तों में समानता की जाए। एसीपी मेें आठ, सोलह, चौबीस की सेवा पर तीन पदोन्नति वेतनमान दिया जाए। 300 दिन की सीलिंग समाप्त की जाए। निजीकरण, आउटसोर्सिग तथा ठेकेदारी व्यवस्था पूर्णत: समाप्त किया जाए। संविदा, आउटसोर्सिग और अन्य माध्यमों से कार्यरत कर्मियों को समान कार्य का समान वेतन दिया जाए। मांगों को पूरा नहीं किया गया तो हम राज्य कर्मचारी आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। सिचाई संघ के अध्यक्ष गांधी पांडेय ने कहा कि 50 वर्ष पूर्ण कर चुके कर्मचारियों का जबरन सेवानिवृत्ति को बंद किया जाए।प्रदेश के कर्मचारियों की अधिवर्षता आयु 62 वर्ष की जाए।इस अवसर पर सिंचाई विभाग के अध्यक्ष सुरेश यादव, वशिष्ठ नरायन सिंह, होम्योपैथ फार्मासिस्ट अशोक चौबे, विनोद कुमार सिंह, सतीश राय, डॉ.संजय सिंह, मंत्री सतीश सिंह,रामचंद्र, अरविंद यादव, दरोगा सिंह, विनोद कुमार गोंड़,नेत्र परीक्षण अधिकारी संघ के अध्यक्ष अंबरीष राय, टीबी संविदा विभाग के अध्यक्ष अशोक यादव आदि शामिल रहे। संचालन राज्य कर्मचारी सयुक्त परिषद उप्र के अध्यक्ष पीएन सिंह ने किया।