मऊ। जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में भर्ती बच्ची को एक मंदबुद्धि महिला उठाकर लेकर चली गई। कुछ देर बाद जब बच्ची की मां अस्पताल आई तो बच्ची को वार्ड में न देखकर परेशान हो गई। वार्ड के सभी लोग परेशान होकर बच्ची को अस्पताल में ढूंढ़ने लगे। इसी बीच बच्ची के गुम होेने की जानकारी पुलिस को दी गई। यूपी 112 पीआरवी कर्मियों की सूझ-बूझ एवं तत्परता के साथ तत्काल कार्रवाई के दौरान मंदबुद्धि महिला के साथ बच्ची को बरामद किया गया। पुलिस ने बच्ची को उसकी मां का सुपुर्द किया। बुधवार सुबह करीब नौै बजे यूपी 112 को थाना कोतवाली क्षेत्र के गाजीपुर तिराहे से तीन वर्ष की बच्ची के गुमशुदा व अपहरण की सूचना मिली। पुलिसकर्मियों ने मां से बच्ची का हुलिया व पहनावा के बारे में जानकारी लेकर कार्रवाई में जुट गई। आसपास के भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर बताए हुए हुलिया के अनुसार पूछताछ कर तलाश शुरू की। तलाशी के दौरान ही पास के ही इलाके चांदमारी इमिलिया के गली में एक मंदबुद्धि जैसी महिला के साथ एक बच्ची को देखकर पूछताछ की गई। गुमशुदा बच्ची की मां को बुलाया गया तो बच्ची अपने मां को देखकर रोते हुए उसके पास चली गई। पीआरवी कर्मियों की ओर से त्वरित कार्रवाई करने से बच्ची को सही सलामत बचाकर उसकी मां को सुपुर्द किया गया। पीआरवी टीम में हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार यादव, कांस्टेबल प्रदीप चौहान, घनश्याम, होम गार्ड पायलट अनिल कुमार यादव मौजूद थे।
सवालों के घेरे में अस्पताल की सुरक्षा
अस्पताल के पीकू वार्ड से भर्ती बच्ची को मंदबुद्धि महिला के उठाकर ले जाने के मामले में अस्पताल प्रशासन के सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। अस्पताल के सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठा रही है। गनीमत रहा कि महज कुछ देर बाद ही पुलिस टीम ने बच्ची को खोज निकाला।