मऊ। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने नाबालिग लड़की को शादी के आशय से बहला फुसलाकर भागने तथा दुष्कर्म करने और धमकी देने के मामले में नामजद अभियुक्त को सुनवाई के बाद दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद अभियुक्त को 8 वर्ष की कठोर कारावास की सजा के साथ ही 55 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड जमा हो जाने पर 15 हजार रुपए पीड़िता को देने का आदेश दिया। मामला कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा की 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को 25 मई 2016 की रात 7:30 बजे आरोपी ने शादी की नियत से उस समय बहला फुसलाकर भगा ले गया, जब वह शौच के लिए गई थी। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने पीड़िता से दुष्कर्म किया तथा उसे जान से मारने की धमकी दी। वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के खतिबहा निवासी वीरेंद्र चौहान पुत्र रामचंद्र चौहान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने कुल 6 गवाहों को पेशकर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी वीरेंद्र चौहान को नाबालिग को शादी के आशय से बहला फुसलाकर भागने तथा उसके साथ दुष्कर्म करने और धमकी देने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के उसे पॉक्सो एक्ट के तहत 8 वर्ष का कठोर कारावास की सजा के साथ ही 30 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड जमा हो जाने पर 15 हजार रुपए पीड़िता को देने का आदेश दिया। नाबालिग को भगाने के मामले में 4 वर्ष का कठोर कारावास की सजा के साथ ही 10 हजार रुपए अर्थदंड, शादी के आशय से भगाने के मामले में 6 वर्ष का कठोर कारावास की सजा के साथ ही 15 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। वहीं धमकी देने के मामले में एक वर्ष का कठोर कारावास की सजा का निर्णय सुनाया। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।