मऊ। जिला अस्पताल के इमरजेंसी में मंगलवार रात मरीज का उपचार कराने पहुंचे युवकों ने नशे में धुत होकर जमकर हंगामा किया। आरोप है कि युवकों ने ड्यूटी पर तैनात डाक्टरों और कर्मचारियों के साथ बदसलूकी भी की। विरोध करने पर हवाई फायरिंग कर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मुख्य आरोपी और आठ अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, पुलिस चौकी और दो धाराओं को बढ़ाने की मांग को लेकर नाराज डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। जिसकी वजह से बुधवार को ओपीडी ठप रही। मरीजों को 4 घंटे तक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस के मनाने पर भी डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म नहीं की। बाद में आश्वासन मिलने पर काम पर लौटे।
जानकारी के मुताबिक, मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनिल कुमार इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे थे। शिकायत मेें उन्होंने बताया कि रात 11 बजे डिंपू नामक युवक छह साथियों के साथ एक घायल का उपचार कराने पहुंचा। आरोपी नशे में थे। युवकों से चोट लगने का कारण पूछा गया तो वह स्वास्थ्य कर्मचारियों से गालीगलौज करने लगे। विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। तुरंत इसकी सूचना सीएमएस को दी गई। इसी दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों के एक जुट होने पर आरोपी युवकों ने वार्ड ब्वॉय आदित्य को मारने के लिए पिस्टल निकाल लिया। आदित्य पीछे हट गया और आरोपी हवा में फायरिंग कर फरार हो गए। अभद्रता और फायरिंग की सूचना मिलने पर चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों में रोष पनप गया। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंच गए।
वर्जन
पुलिस ने मंगलवार रात ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार सुबह सरायलंखसी पुलिस ने चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार की तहरीर पर डिंपू सिंह और 8 अज्ञात के पर एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, एएसपी
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धाराएं नहीं जोड़ने पर बिफरे चिकित्सक
मऊ। तहरीर में पीड़ित चिकित्सक ने हत्या के प्रयास, मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। साथ ही परिसर में पुलिस चौकी बनाने की भी मांग रखी। पुलिस ने पंजीकृत मुकदमे में इन दो धाराओं को नहीं जोड़ा। जिसके बाद गुस्साए डॉक्टरों ने जिला अस्पताल में नारेबाजी शुरू कर दी और ओपीडी सेवा बंद कर दी। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने शाम तक दोनों मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। तब जाकर चिकित्सक काम पर लौटे। वहीं, हड़ताल की वजह से मरीजों को 4 घंटे तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
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रात भर डर के साये में रहा स्टाफ
मऊ। अभद्रता और तीन हवाई फायरिंग की सूचना से अस्पताल में भय का माहौल रहा। मुख्य गेट बंद कर स्वास्थ्य कर्मी एक जगह जुट गए। चिकित्सकों का कहना था कि पहले भी इमरजेंसी में अभद्रता और हंगामा की घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद पुलिस और प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। कई बार चौकी बनाने की मांग की गई। इस पर कोई अमल नहीं हुआ। मंगलवार को मौके पर पुलिस रहती तो इस तरह की घटना नहीं होती।
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इंतजार कर हारे मरीज, निजी चिकित्सकों का किया रुख
मऊ। घटना से नाराज चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने बुधवार सुबह 8 बजे ओपीडी का बहिष्कार कर दिया। ऐसे में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को काफी दिक्कतें हुईं। गाजीपुर के मरदह से आए माधव राज भर ने बताया कि उनके बेटे को एक कुत्ते ने काट लिया। हड़ताल से काफी परेशानी हुई। काफी देर तक बैठने के बाद निजी चिकित्सक के यहां जाना पड़ा। घोसी के लखनीमुुबारक से आए ओमकार मिश्रा भी बीमार बेटे को लेकर भटकते रहे। गाजीपुर से आए दीपक गिरी तथा भीटी निवासी गिरीश कुमार पांडेय ने भी चिकित्सकों के नहीं बैठने से परेशानी की बात कही।