उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की जनपदीय इकाई की बैठक मंगलवार को सदर तहसील मुख्यालय पर हुई। बैठक में लेखपालों ने नगरी विकास मंत्री आजम खान के द्वारा मुरादाबाद जिले के बिलारी तहसील में नगरपालिका भवन में दिव्यांगों को रिक्शा ट्राली वितरण समारोह में लेखपालों पर की गई टिप्पणी पर आक्रोश जताया। लेखपालों का कहना था कि मंत्री ने अपने विभाग की कमियों को छिपाने के लिए लेखपालों पर दोष मढ़ रहे हैं। जबकि रिक्शा ट्राली वितरण में लेखपालों की कोई भूमिका नहीं है। इस बात को लेकर सभी तहसीलों में लेखपालों ने प्रदर्शन किया।
इस दौरान जिलाध्यक्ष पारसनाथ ने कहा कि एक मंत्री को लेखपालों पर इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी कत्तई शोभा नहीं देती। मुख्यमंत्री को नगर विकास मंत्री कार्रवाई करनी चाहिए। लेखपालों ने आजम खान की टिप्पणी के विरोध में मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर जगदंबा सिंह को सौंपा। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष पारस नाथ, जिला मंत्री उदयभान यादव, तहसील अध्यक्ष स्वामीनाथ प्रसाद गुप्ता तहसील मंत्री प्रह्लाद भारद्वाज , विजयेंद्र प्रताप सिंह, मुन्ना लाल, राहुल, फरीद अहमद , खेदारू यादव और धीरज सिंह ने मंत्री की अभद्र टिप्पणी पर आक्रोश जताया।
घोसी संवाददाता के अनुसार लेखपालों ने विरोध में लेखपाल संघ शाखा घोसी के तत्वावधान में लेेखपालों ने मंगलवार को धरना प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए अध्यक्ष बालचंद यादव ने कहा कि मुरादाबाद के बिल्लारी तहसील में सार्वजनिक मंच से जिस तरह से मंत्री आजम खान द्वारा लेखपाल संवर्ग को अपशब्द का प्रयोग किया गया वह बहुत ही निंदनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मंत्री के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की।
इस अवसर पर रघुनाथ प्रसाद, राजेश सिंह, अजय चौहान, कतवारू, सुदामा, अरविंद सिंह, कमलेश, श्वेता यादव, साहिस्ता खातून, सरिता चौहान, सुधाकर, संजय दुबे, रामसेवक आदि लेखपाल शामिल रहे।
फतहपुर मंडाव संवाददाता के अनुसार यहां भी उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर तहसील मधुबन के लेखपाल संघ के अध्यक्ष जितेंद्र धर के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन हुआ। साथ ही राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सूर्यकांत त्रिपाठी को सौंपा। वक्ताओं ने कहां कि जहां साइकल वितरण समारोह आयोजित किया गया था वह नगरपालिका के अंतर्गत था। साइकल वितरण की सूची बनाने का दायित्व नगर पालिका का था। लेकिन लेखपालों को जिम्मेदार मानते हुए इनके विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जो निंदनीय है। इस मौके पर अशोक सिंह ,ओमप्रकाश ,शिशु पाल पांडेय,अतुल कुमार शामिल थे।